Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम के डीसी ऑफिस सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में राजस्व संग्रहण, भू-अर्जन, नीलाम पत्र, सरकारी व डीम्ड लीज भूमि अतिक्रमण से जुड़े मामलों की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर उपायुक्त संतोष गर्ग, धालभूम और घाटशिला के अनुमंडल पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, जेएनएसी के उप नगर आयुक्त, सभी अंचलाधिकारी, अभियंता, एनएचएआई समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में उपायुक्त ने राजस्व संग्रहण से जुड़े विभागों को निर्देश दिया कि चालू वित्तीय वर्ष में बेहतर कार्ययोजना बनाकर काम करें और पिछले वर्ष की तुलना में अधिक राजस्व प्राप्ति सुनिश्चित करें। जिन विभागों ने बीते वर्ष शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल नहीं किया, उनसे एक सप्ताह के भीतर कारणों सहित प्रतिवेदन देने को कहा गया। उन्होंने वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही से ही लक्ष्य तय कर राजस्व वसूली की प्रक्रिया तेज करने पर जोर दिया।
मानगो नगर निगम को होल्डिंग टैक्स वसूली के लिए विशेष कैंप लगाने और लोगों को प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया गया। वहीं उत्पाद विभाग को अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने तथा निबंधन विभाग को नए प्रस्तावित दरों का प्रारूप तैयार कर राजस्व वसूली बढ़ाने को कहा गया।
नीलाम पत्र से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अगली बैठक से पहले कम से कम 10 प्रतिशत लंबित मामलों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। संबंधित पदाधिकारियों को नियमित सुनवाई कर दैनिक स्तर पर कार्रवाई तेज करने को कहा गया।
जमीन की खरीद-बिक्री, म्यूटेशन, सीमांकन, भूमि अभिलेख परिशोधन और लगान रसीद से संबंधित मामलों में समयसीमा के भीतर निष्पादन पर बल दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि सेवा की गारंटी अधिनियम के तहत म्यूटेशन आवेदनों का निर्धारित समय के भीतर निपटारा हो। साथ ही सभी अंचलों में लोगों को लगान रसीद कटाने के लिए जागरूक करने और तहसील कचहरी का नियमित संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि स्थानीय स्तर पर भूमि संबंधी समस्याओं का समाधान हो सके।
जन शिकायतों की समीक्षा में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि नागरिकों से प्राप्त जनहित और व्यक्तिगत शिकायतों पर नियमानुसार समयबद्ध कार्रवाई कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।
भू-अर्जन मामलों की समीक्षा के दौरान राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय सड़क एवं रेलवे परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण और रैयतों को मुआवजा भुगतान की स्थिति पर चर्चा हुई। उपायुक्त ने लंबित मुआवजा मामलों में वास्तविक लाभुकों की पहचान कर दस्तावेजी त्रुटियों के निराकरण के लिए गांव स्तर पर कैंप लगाने का निर्देश दिया। इसके लिए निर्माण एजेंसियों, अंचल कार्यालय, भू-अर्जन विभाग और रैयतों के बीच समन्वय बनाकर परियोजनाओं को गति देने पर जोर दिया गया।
इसके अलावा सरकारी भूमि और डीम्ड लीज भूमि पर अतिक्रमण की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने प्रभावी अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने और उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन को सुनिश्चित करने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व, भू-अर्जन और अतिक्रमण से जुड़े मामलों में तय कार्ययोजना के आधार पर तेज और प्रभावी कार्रवाई की जाए।

