
Jamshedpur : एमबीएनएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन, आसनबनी में अंग एवं ऊतक दान को लेकर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। श्री आचार्य गुरुकुल एजुकेशनल ट्रस्ट के मार्गदर्शन और मोहन फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, शिक्षक-शिक्षिकाओं और कर्मचारियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों और समाज के लोगों को अंगदान की जरूरत, इसके महत्व और इससे जुड़ी भ्रांतियों के बारे में जागरूक करना था। विशेषज्ञों ने बताया कि मृत्यु के बाद अंगदान के माध्यम से कई जरूरतमंद मरीजों को जीवन की नई उम्मीद मिल सकती है। उन्होंने अंगदान को मानवता की सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए समाज में इसके प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को अंग एवं ऊतक दान की प्रक्रिया, आवश्यक सहमति, परिवार की भूमिका और अंग प्रत्यारोपण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने अंगदान को लेकर लोगों के बीच मौजूद कई तरह की भ्रांतियों को दूर करते हुए वैज्ञानिक और तथ्यपरक जानकारी साझा की।
विद्यार्थियों ने कार्यशाला के दौरान अंगदान से जुड़े कई सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने सभी सवालों का सरल तरीके से जवाब देते हुए विद्यार्थियों को अपने परिवार, दोस्तों और समाज के अन्य लोगों के बीच अंगदान के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया।
संस्थान के प्रतिनिधियों ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में मानवीय संवेदना, सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा भावना विकसित करना भी है। अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना इसी सामाजिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कार्यशाला में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हुए। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने मोहन फाउंडेशन के प्रतिनिधियों, संस्थान के शिक्षकों, विद्यार्थियों और सभी सहयोगियों के प्रति आभार जताया। आयोजकों ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अंगदान का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।
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