

जमशेदपुर : अब कुछ ही दिनों में बरसात आने वाला है। ऐसे में उस दौरान मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम अभी से ही इससे निपटने में जुट गई है। दरअसल, पूर्वी सिंहभूम जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में मलेरिया का प्रकोप अधिक देखने को मिलता है। इसके मद्देनजर जिले के 155 उप-स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत कुल एक हजार 69 गांव को मलेरिया जोन के रूप में चिन्हित किया गया है। इसमें से अधिकांश गांव बहरागोड़ा, चाकुलिया, डुमरिया, मुसाबनी प्रखंड में आते हैं। इन सभी गांवों के लिए विशेष रणनीति तैयार किया जा रहा है। ताकि कम से कम मरीज मलेरिया की चपेट में आएं। इन गांवों में विभाग की ओर से कुल तीन लाख 18 हजार 107 मेडिकेटेड मच्छरदानी बांटी गई है। ताकि उन्हें मच्छरों से बचाया जा सकें। मालूम हो कि मलेरिया फीमेल एनोफिलीज मच्छर के काटने से होता है।
चार साल में मलेरिया के मिले साढ़े पांच हजार से अधिक मरीज
जिला स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बीते चार साल में मलेरिया के कुल पांच हजार 791 मरीज मिले हैं। इसमें ब्रेन मलेरिया के पांच हजार 100 मरीज शामिल हैं। जबकि सामान्य मलेरिया के 691 मरीज शामिल हैं। आंकड़ा से स्पष्ट होता है कि जिले में ब्रेन मलेरिया का प्रकोप अधिक है।

इस तरह बढ़ रहे मलेरिया के मरीज
वर्ष : सामान्य मलेरिया : ब्रेन मलेरिया : कुल
2019 : 240 : 2224 : 2464
2020 : 75 : 817 : 892
2021 : 125 : 1015 : 1140
2022 : 251 : 1044 : 1295
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कुल : 691 : 5100 : 5791
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कोट ::
ग्रामीण क्षेत्रों में मलेरिया का प्रकोप अधिक देखा जाता है। इसे लेकर पदाधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश दिया जा रहा है। ताकि कम से कम लोग संक्रमित हो।
– डा. जुझार माझी, सिविल सर्जन।

