

जमशेदपुर : महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कालेज के चार चिकित्सकों के वेतन पर रोक लगा दी गई है। दरअसल, एमजीएम में बिना ड्यूटी किए ही कुछ चिकित्सक वेतन उठा रहे थे। ये चिकित्सक सप्ताह दो सप्ताह में आते थे और पूरे दिन का हाजिरी बनाकर चले जाते थे। लेकिन जब नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने बायोमीट्रिक हाजिरी जांच की तो ये चिकित्सक फंस गए। इसमें नेत्र रोग विभाग के सहायक प्रोफेसर डा. सीमा कुमारी, बायोकेमेस्ट्री विभाग के विभागाध्यक्ष डा. लक्ष्मण लाल, फार्माकोलाजी विभाग के ट्यूटर डा. सोनिका भारद्वाज व महिला एवं प्रसूति रोग के सह-प्राध्यापक डा. मंजू कुमारी चौधरी का नाम शामिल हैं। इसे देखते हुए प्रिंसिपल डा. केएन सिंह ने पहले इन चिकित्सकों को शोकॉज नोटिस जारी किया था लेकिन उसके बावजूद भी जब सुधार नहीं आई तो इनके वेतन पर रोक लगा दी गई है, जिससे उनकी परेशानी बढ़ गई है। एमजीएम कालेज प्रबंधन की ओर से चिकित्सकों को सख्त निर्देश दिया गया है कि जो बायोमीट्रिक हाजिरी नहीं बनाएंगे उन्हें अनुपस्थित समझा जाएगा और उनका वेतन कटेगा। दरअसल, एनएमसी ने एक ऐसा सिस्टम विकसित किया है जिसके माध्यम से वे मेडिकल कालेजों के प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर सहित अन्य चिकित्सकों पर 24 घंटे निगरानी खुद करती है। इसके माध्यम से अब चिकित्सकों का सारा डिटेल्स एनएमसी के पास मौजूद रहता है।

