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डीसी के दरबार में भाजपा नेता के रिश्तेदार पर जमीन पर अवैध ढंग से कब्जा करने की शिकायत

by Rakesh Pandey
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जमशेदपुर : जमशेदपुर के गोविंदपुर में सोमवार को जनता दरबार का आयोजन जिला प्रशासन की ओर से किया गया। दरबार में खुद डीसी पहुंची और लोगों की समस्याओं को सुना। जनता दरबार में परसुडीह के खासमहल के रहनेवाले तरूण सोडेरा अपनी समस्या को लेकर पहुंचे हुये थे। उन्होंने डीसी से मिलकर कहा कि बागबेड़ा में उनकी कई एकड़ जमीन है, जिसे भू- माफियाओं ने कब्जा कर लिया है। जमीन वापस दिलाने के लिये वे सालों से संबंधित अधिकारियों के यहां चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन उनकी कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है । उन्होंने कहा कि मैडम भू-माफियाओं से मेरी जमीन वापस करवा दीजिए बड़ी कृपा होगी। डीसी ने भी पूरी समस्या को सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में आवश्यक पहल करने का निर्देश दिया। जमीन अतिक्रमण के इस शिकायत में कहा गया है कि बागबेड़ा में आइटीआइ चलाने के लिये तरूण सोडेरा के पिता ने किराये पर जमीन दिया था, लेकिन उस जमीन पर आज की तारीख में 80 लाख रुपये से भी ज्यादा का किराया हो गया है, लेकिन न तो उन्हें किराया दिया जा रहा है और न ही उसे बार बार बोलने पर भी खाली किया जा रहा है। इस जमीन पर कब्जा करने वाला भाजपा नेता सुबोध झा का साला कब्जा बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता की माने तो थाना प्रभारी से शिकायत करने पर भी रोक नहीं लग रहा है। तरूण सोडेरा ने बताया कि वे जमीन पर कब्जा कर मकान बनाने की भी शिकायत 10 सालों से कर रहे हैं, लेकिन आज तक मामले में कोई कार्यवाही नहीं हुई। उन्होंने कहा कि वह बार-बार प्रशासन और पुलिस का चक्कर लगाकर थक गए हैं।

बिल्डर ने बेच दी जमीन- तरूण

सोडेरा ने कहा कि बागबेड़ा की जमीन बागबेड़ा के रहनेवाले मोहन सिंह उर्फ चंद्रभूषण सिंह ने बेच दी, लेकिन उन्हें एक पैसा तक नहीं दिया। इस मामले में बिल्डर एक माह के लिये जेल भी गया था। यह मामला भी अभी तक लटका हुआ है। बागबेड़ा की जमीन पर पूर्व मुखिया पहाड़ सिंह कब्जा जमाये हुये हैं। जमीन के एवज में वह जमीन के रेट का 50 फीसदी रंगदारी मांग रहा है। गोविंदपुर के अलावा आस-पड़ोस के लोग भी बड़ी संख्या में अपनी समस्याओं को रखा। इस दौरान कई अफसरों की शिकायत लेकर भी पहुंचे थे। इस पर डीसी ने कार्रवाई करने का भी आश्वासन दिया। डीसी ने कहा कि वे खुद इस मामले को देखेंगे और अगर बच्चे की बात करें तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जमीन को मुक्त कराया जाएगा।

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