

जमशेदपुर: फलों के राजा आम भला किसे पसंद नहीं। आम की मिठास व मनमोहक खुशबू हर देश वासियों को पसंद आती है। हम बात कर रहे है जमशेदपुर की, पिछले मई महीनें से शहर के हर सड़क, मंडी ,चौक, चौराहों पर फलों के राजा आम ही आम दिखाई दे रहे है। इस साल हर शहरवासियों के थाली में आम दिखाई दे रहा है। इसका मुख्य कारण पूरे देश भर में आम की पैदावार अच्छी हुई है। पिछले साल की तुलना में इस साल आम फलों के अनुकूल मौसम बना रहा। आंधी, पानी ज्यादा नुकसान किया। जिसके फलस्वरूप 500 प्रतिशत आम फलों की पैदावार में वृद्धि हुई। शहर में प्रतिदिन हजारों किलों आम की आम खपत हो जा रही है। प्रतिदिन विभिन्न राज्यों से 25 से 30 गाड़ी आम की आवक हो रही है। अनुमानतः शहरवासी प्रतिदिन हजारों किलों आम खा रहे है।
साथ ही आम के कीमतों में पिछले पांच वर्षों में कम है। कीमतों में कमी के अंदाज इसी से लगा सकते है कि 100 रुपया में 3 से 4 किलों आम मिल रहे है, वहीं पिछले साल 70 से 120 रुपये किलो कीमत था। दुकानदारों के अनुसार आम की होल सेल रेट 20 से 30 रुपये किलो है। वहीं खुदरा में 30 से 50 रुपये किलो है। शहर में सबसे ज्यादा ” लगंडा ” आम की आवक बिहार के भागलपुर से हो रही है। साथ ही मुज़फ्फरपुर और उतर प्रदेश से हो रही है। हर जगह आम की पैदावार बम्पर हुई है।

– मई महीने में उड़ीसा और बंगाल से आम्रपाली, सिंदूरी, दशहरी, बैगनपिल्ली, बंबईया आमों की आवक खूब हुई थी। हालांकि अभी भी वहाँ से आम लगातार आ रहे है। फिलहाल बिहार की आम बाजार में छाए हुए है। शहर में प्रतिदिन बिहार, बंगाल और उड़ीसा से 25 से 30 गाड़ी माल पहुँच रहे है। इस साल आम के छोटे व्यापारी भी खुश है। छोटे व्यापारी भी 8 से 10 पिकअप आम को दूसरे शहर से मंगवा रहे है।
शहर में आम की वर्तमान कीमत
लंगड़ा – 30 से 50 रुपये किलो (खुदरा)
लंगड़ा – 20 से 25 रुपये किलो (होलसेल रेट)

बंबईया – 25 से 30 (होलसेल रेट)
हेमसागर – 25 से 35 ((होलसेल रेट)

कोट
प्रतिदिन 60 से 100 किलो आम की बिक्री हो जाता है। इस बार पिछले पांच वर्षों में सबसे सस्ता है। आम सस्ता होने से ज्यादा से ज्यादा खरीदारी कर रहे है।
शाहरुख, फल दुकानदार, बिष्टुपुर
आम सस्ता होने से हर शहर वासियों के थाली में आम जा रहा है। आम के फलों के अनुकूल मौसम होने से पैदावार ज्यादा हुई है। इसलिए आम बाजार में ज्यादा आ रहे है। भागलपुर से लंगड़ा आम की बिक्री ज्यादा है।
मुन्ना, फल दुकानदार, साकची,
