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दिल्ली की टीम कर रही थी जांच तब ऐसा क्या हुआ कि डॉक्टर व नर्स की नजरें झुक गईं

by Rakesh Pandey
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जमशेदपुर : झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में संचालित सदर अस्पताल का जांच करने के लिए दिल्ली से नेशनल क्वालिटी इंश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्यूएएस) की तीन सदस्यीय टीम आई हुई है। टीम में डा. मनीषा, डा. बसंत व डा. प्रीतिष शामिल हैं लेकिन इनके सामने अचानक से एक ऐसा दृश्य आ गया कि किसी के पास कुछ जवाब नहीं था और सभी नजरें झुक गई।

यहां तक की ड्यूटी में तैनात डाक्टर व नर्स भी एक दूसरे को देखते रह गए। अब आप सोच रहें होंगे कि यह क्या हो सकता है तो आइए हम आपको इसके बारे में बताते हैं। दरअसल, हर साल की तरह इस बार भी नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड की टीम सदर अस्पताल का जांच करने आई हुई है।

ये टीम 24 व 25 जून को भी जांच करेगी। इससे पूर्व गुरुवार को जब टीम जांच कर रही थी तब अचानक से सदर अस्पताल के इमरजेंसी विभाग पहुंच गई। यहां पर बाकी दवाओं के साथ-साथ कुछ एक्सपायरी दवाएं भी दिख गई। जिसे देख टीम चौंक गई तो वहीं, डाक्टर व नर्सों की नजरें भी झुक गई। टीम ने पूछा तो उनके पास कोई जवाब नहीं था।

हालांकि, एक कर्मचारी ने कहा कि यह दवा अलग निकाल कर रखीं गई है लेकिन समय के अभाव के कारण उसे सही जगह पर नहीं रखा जा सका है। इस अवसर पर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डा. आरएन झा, हास्पिटल मैनेजर निशांत पांडे सहित अन्य उपस्थित थे।

पहले दिन टीम ने क्या देखा
नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्यूएएस) की टीम पहले दिन सबसे पहले सिविल सर्जन कार्यालय पहुंची। इसके बाद जिले के सभी पदाधिकारी, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक, डाक्टर, नर्स व कर्मचारियों के संग एक बैठक की।

इस दौरान वहां की स्थिति से अवगत हुई। इसके बाद बारी-बारी कर पूरे अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं को जाना। साफ-सफाई के साथ ही महिला एवं प्रसूति रोग विभाग, आईसीयू, डायलिसिस यूनिट को भी देखा।

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आज भी टीम करेगी जांच
एनक्यूएएस की टीम दूसरे दिन यानी शुक्रवार को भी जांच करेगी। इस दौरान रजिस्ट्रेशन काउंटर, वार्ड, आईसीयू, ओपीडी, सेंट्रलाइज्ड रजिस्ट्रेशन, आईसीयू व महिला एवं प्रसूति रोग विभाग की रिपोर्ट तैयार करेगी। यहां रोजाना कितने प्रसव होता है। कितने सामान्य व कितने सर्जरी होता है, इसका आंकड़ा भी लेगी।

इसके साथ ही ड्यूटी पर तैनात डाक्टर, नर्स, कर्मचारी व मरीजों से पूछताछ भी करेगी। ताकि रिपोर्ट पूरे तथ्य के साथ तैयार हो सकें।

दिल्ली में मिलेगा पुरस्कार
शुक्रवार को भी टीम पूरे अस्पताल की जांच कर उसका रिपोर्ट तैयार करेगी। सभी बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार करने के बाद उसे केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग को सौंपेगी। उसके आधार पर सदर अस्पताल का ग्रेडिंग तय होगी। प्रतियोगिता में सफल होने के लिए 80 प्रतिशत से अधिक अंक लाना अनिवार्य होता है।

अगर, इस प्रतियोगिता में सदर अस्पताल सफल हुआ तो उसे दिल्ली में बुलाकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम पुरस्कृत करेगी। इसके साथ ही आर्थिक सहयोग भी। वर्ष 2018 में सदर अस्पताल को कायाकल्प अवार्ड मिल चुका है।

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