

रांची : झारखंड राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव होने जा रहा है। अभी तक आपने दिल्ली के शिक्षा मॉडल की बात सुनी होगी लेकिन अब झारखंड उससे भी एक कदम आगे की रणनीति पर काम कर रहा है। जी हां। अगर, सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो बहुत जल्द ही इसका असर भी देखने को मिलेगा।

माना जा रहा है कि यह व्यवस्था लागू होने के बाद शहर के निजी स्कूल पीछे छूट जाएंगे। वहीं, सरकारी स्कूल के बच्चे हर क्षेत्र में परचम लहराएंगे। बैंक से लेकर आईएएस ऑफिसर व सरकार तक को चलाने में सबसे आगे होंगे। इसे सुनकर तो भरोसा नहीं होता लेकिन राज्य सरकार ने कुछ ऐसा ही प्लान तैयार किया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि झारखंड सरकार जिस रणनीति पर काम कर रही है वह दिल्ली मॉडल से भी अच्छी है। इसे लेकर झारखंड में तेज गति से काम चल रहा है। बच्चों कोबेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने को लेकर शिक्षकों को भी बाहर भेजकर ट्रेंड किया जा रहा है। ताकि छात्र-छात्राओं को फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने से लेकर व्यवहारिक ज्ञान भी मौजूद रहें।

प्रधानाध्यापक व शिक्षकों को दिया जा रहा ऑनलाइन प्रशिक्षण
पहले चरण में राज्य के 80 उत्कृष्ट विद्यालयों को अपडेट किया जा रहा है। इसे लेकर प्रधानाध्यापक व शिक्षकों को नेशनल सेंटर फॉर स्कूल लीडरशिप द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावे इन शिक्षकों को पूर्व में स्किल डेवलपमेंट का भी प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उत्कृष्ट विद्यालयों के बच्चों को व्यवसायिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
इसके अलावे एग्रीकल्चर, आईटी, आईटीईएस, अपारेल एंड मेडअप एंड होम फर्निशिंग, मीडिया एंड एंटरनेटमेंट, ऑटोमोटिव, टूरिज्म एंड हॉस्पिटालिटी समेत अन्य का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जो निजी स्कूलों में नहीं मिलेगा। सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को राज्य स्तरीय प्रतिष्ठानों एवं संस्थानों के साथ इंडस्ट्रियल फील्ड विजिट भी कराई जाएगी। ताकि भावी जीवन में उनको रुचि के अनुसार रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें।
प्रोजेक्ट ‘परख: पढा़ई और खेल’ की शुरुआत
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों में आत्मविश्वास जगे, पढ़ाई से दूर नहीं भागें, नियमित विद्यालय आएं, परीक्षा में बैठने का डर खत्म हो, बोर्ड परीक्षा के परिणामों में आशातीत सफलता मिले इस दिशा में उप विकास आयुक्त द्वारा जिले में प्रोजेक्ट ‘परख: पढा़ई और खेल’ की शुरुआत की गई है। उन्होंने इस प्रोजेक्ट को लेकर कहा कि अब हर शनिवार को सरकारी विद्यालयों में साप्ताहिक टेस्ट लिया जाएगा जिसका प्रश्न पेपर जिला स्तर पर गठित कुशल शिक्षकों की टीम बनाएगी।
उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी को 50 शिक्षकों का एक पुल बनाने का निर्देश देते हुए कहा कि विद्यालयों के बेस्ट शिक्षकों का नाम प्राचार्य जरूर सुझाएंगे लेकिन शिक्षक अपनी स्वेच्छा से ही जुड़ना चाहें तो इससे जुड़ें, किसी पर कोई दवाब नहीं होगा । प्रारंभिक दौर में इसे 147 उच्च विद्यालयों के कक्षा 9, 10,11 एवं 12 में शुरू किया जाना है। हालांकि अगले शनिवार को आयोजित होने वाला साप्ताहिक टेस्ट अभी सिर्फ 10वीं और 12वीं के कक्षाओं के लिए आयोजित होगी।
अभिभावकों को निभानी होगी महत्वपूर्ण भूमिका
उप विकास आयुक्त ने प्रोजेक्ट ‘परख: पढ़ाई और खेल’ के विषय में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इसमें अभिभावकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। साप्ताहिक टेस्ट का रिजल्ट अगले सोमवार को देंगे जिसके मार्क्सशीट पर माता-पिता का हस्ताक्षर बच्चे करायेंगे। अंगूठा लगाने वाले माता-पिता को भी इस प्रोजेक्ट के तहत हस्ताक्षर करना सिखाया जाएगा।
खराब प्रदर्शन करने वाले बच्चों को उनकी गलतियों से अवगत कराते हुए अच्छा करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। वहीं, अच्छा प्रदर्शन करने वाले बच्चों को स्कूल के सुबह के प्रार्थना के समय विद्यालय स्तर से सम्मानित किया जाएगा । इस मौके पर उनके माता-पिता को भी आमंत्रित करेंगे। 15 अगस्त तक अच्छा प्रदर्शन करने वाले बेस्ट 20 स्कूल तथा उनके बच्चों को जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।
हरा-भरा रहेगा विद्यालय
उप विकास आयुक्त ने कहा कि बच्चे जब विद्यालय परिसर में आएं तो वहां के वातावरण से भी उन्हें कुछ न कुछ सीख मिले। विद्यालय परिसर को साफ-स्वच्छ रखें तथा प्राचार्य एवं शिक्षक कम से कम एक-एक पौधा जरूर लगायें। बच्चों को भी पौधारोपण के लिए प्रेरित करें। बच्चों के शारीरिक, मानसिक प्रगति का ध्यान रखते हुए खेलकूद की गतिविधि से भी जोड़ें।
बच्चों में नैतिक मूल्यों का भी ज्ञान हो, परिवार, समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझें इस दिशा में उनके नींव मजबूत करने की दिशा में कार्य करें। विद्यालय सिर्फ अटेंडेंस बनाने की जगह मात्र बनकर नहीं रह जाएं बल्कि संपूर्ण व्यक्तित्व निर्माण का प्रयास करें ताकि बच्चे कल कुछ उपलब्धि हासिल करें तो आप शिक्षकों का योगदान भी वे नहीं भूलें । बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ साथ व्यवहारिक शिक्षा भी मिले इसे सुनिश्चित करना है।
स्कूल में क्या-क्या होगी
80 उत्कृष्ट विद्यालयों में अत्याधुनिक आधारभूत संरचना, लाइब्रेरी, साइंस लैब, डिजिटल स्मार्ट क्लास, लैंग्वेज लैब, स्पोर्ट्स ट्रेनिंग, कमर्शियल ट्रेनिंग की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। वहीं, सभी स्कूल सीबीएसई से मान्यता प्राप्त हैं।
