स्पेशल डेस्क, नई दिल्ली : अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी ने शनिवार को ढाका में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से मुलाकात की। इस दौरान झारखंड के गोड्डा स्थित समूह के अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट (यूएससीटीपीपी) से पड़ोसी देश को बिजली आपूर्ति पर बातचीत हुई।

इस मुलाकात के बाद गौतम अदाणी ने ट्वीट किया कि 1600 मेगावाट के यूएससीटीपीपी गोड्डा पावर प्लांट के पूर्ण लोड के साथ शुरू होने व हस्तांतरण पर बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से मुलाकात कर सम्मानित महसूस कर रहा हूं।
उन्होंने आगे कहा कि मैं भारत और बांग्लादेश की समर्पित टीमों को सलाम करता हूं, जिन्होंने साढ़े तीन साल के रिकॉर्ड समय में कोविड का सामना करते हुए संयंत्र को चालू किया।
गोड्डा पावर प्लांट की पहली यूनिट ने 6 अप्रैल, 2023 को कर्मशियल ऑपरेशन शुरू कर दिया था। दूसरी यूनिट 26 जून को शुरू हुई थी। APJL को बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड के साथ हुए पावर पर्चेज एग्रीमेंट (PPA) के तहत गोड्डा USCTPP से बांग्लादेश ग्रिड से जुड़े 400 केवी समर्पित ट्रांसमिशन सिस्टम के माध्यम से 25 साल की अवधि के लिए बिजली आपूर्ति करनी है।
कंपनी गत 10 अप्रैल से बिजली आपूर्ति शुरू कर चुकी है। यह भारत की ऐसी पहली सक्रिय अंतरराष्ट्रीय बिजली परियोजना है, जहां पैदा होने वाली 100 प्रतिशत बिजली दूसरे देश को आपूर्ति की जाती है।
अदाणी पावर लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी अदाणी पावर झारखंड लिमिटेड (APJL) ने इसी 12 जुलाई को गोड्डा प्लांट में डिपेंडेबल कैपेसिटी टेस्ट पूरा किया है। बांग्लादेश के साथ हुए पावर पर्चेज एग्रीमेंट (PPA) में डिपेंडेबल कैपेसिटी टेस्ट एक अनिवार्यता थी।
वास्तव में गोड्डा यूएससीटीपीपी का चालू होना भारत-बंगलादेश के बीच घनिष्ठ सहयोग और मजबूत आर्थिक संबंधों की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। अडाणी पावर बंगलादेश को कम लागत पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति करके वहां आर्थिक वृद्धि एवं समृद्धि का भागीदार बना है। इस सहयोग से वहां के उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और बंगलादेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
उल्लेखनीय है कि दक्षिण एशियाई क्षेत्र बांग्लादेश भारत का सबसे बड़ा बिजनेस पार्टनर है। 2018 और 2022 के बीच दोनों देशों के बीच व्यापार 9 अरब डॉलर से बढ़कर 18 अरब हो गया था। मोदी सरकार ने व्यापार, वाणिज्य, बिजली- ऊर्जा, परिवहन- कनेक्टिविटी, विज्ञान- प्रौद्योगिकी, रक्षा, नदियों और समुद्री मामलों के लिए सभी पड़ोसी देशों को समर्थन देने का वादा किया था। इन देशों में बांग्लादेश की शामिल है।

