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Gyanvapi Survey Started :ज्ञानवापी का ASI सर्वे शुरू, सुरक्षा के कड़े इंतजाम,आज मामले की सुनवाई कर सकता है सुप्रीम कोर्ट

by The Photon News Desk
ज्ञानवापी में ASI सर्वे की अनुमति, सुप्रीम कोर्ट से लगा मुस्लिम पक्ष को झटका, वैज्ञानिक सर्वेक्षण के फैसले को बरकरार, SC का सवाल : ASI सर्वे में दिक्कत क्या है, ज्ञानवापी मस्जिद में आज से आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) सर्वे शुरू हो गया है
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वाराणसी: Gyanvapi Survey Started ज्ञानवापी का ASI सर्वे शुक्रवार से शुरू हो गया है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI ) की टीम ने सुबह 7 बजे ही परिसर में पहुंच कर सर्वे का काम फिर शुरू कर दिया। आदेश के तहत ज्ञानवापी स्थित सील वजूखाने को छोड़कर शेष अन्य हिस्से का सर्वे यह टीम करेगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला व पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा की जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इसके लिए पूरे इलके में बड़ी संख्या में सुरक्षबलों को तैनात किया गया है।

इस सर्वे के मद्देनजर जिले की पुलिस और प्रशासनिक महकमा हाई अलर्ट पर है। पुलिस सोशल मीडिया की भी निगरानी कर रही है। जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने कहा कि अदालत के आदेश का पालन कराया जाएगा और एएसआई टीम का सर्वे में हर तरह का सहयोग दिया जाएगा। वहीं मस्जिद कमेटी हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गई है। जिस पर शुक्रवार को सुनवाई होने की उम्मीद है। ऐसे में इस मामले को लेकर सबकी निगाहैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर होगी।

10 दिन बाद ASI की टीम ने शुरू किया सर्वे में

ज्ञानवापी का सर्वे करने वाले ASI की टीम में कुल 43 सदस्य शामिल हैं। हालांकि शुक्रवार को सर्वे के लिए ज्ञानवापी के अंदर सिर्फ 20 सदस्यीय टीम ही पहुंची है। विदित हो कि इस टीम ने 24 जुलाई की सुबह सात बजे से ज्ञानवापी में लगभग साढ़े पांच घंटे तक सर्वे किया था। दोपहर लगभग 12:30 बजे टीम को सुप्रीम कोर्ट द्वारा सर्वे पर रोक लगाने संबंधी आदेश की जानकारी हुई तो काम रोक दिया गया। उस दिन से अब तक 10 दिन सुप्रीम कोर्ट और फिर इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश से ज्ञानवापी में सर्वे का काम रुका रहा। अब शुक्रवार से सर्वे शुरू हो गया है।

ज्ञानवापी के संरचना को नुकसान पहुंचाए बिना करना है सर्वे

जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने ज्ञानवापी की मौजूदा संरचना को नुकसान पहुंचाए बगैर एएसआई को सर्वे का आदेश देकर चार अगस्त तक रिपोर्ट देने को कहा था। एएसआई को सर्वे कर बताना था कि क्या मंदिर को ध्वस्त कर उसके ढांचा के ऊपर मस्जिद बनाई गई है, लेकिन मामला सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट चला गया। अब हाईकोर्ट ने सर्वे पर मुहर लगाई है।

कुछ ऐसे चल रहा न्यायलय में मामला

विदित हो कि मां श्रृंगार गौरी मुकदमे की वादिनी सीता साहू, रेखा पाठक, मंजू व्यास और लक्ष्मी देवी के प्रार्थना पत्र पर बीते 21 जुलाई को जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने ज्ञानवापी में सील वजूखाने को छोड़कर शेष अन्य हिस्से के सर्वे का आदेश एएसआई को दिया था। जिला जज की अदालत ने कहा था कि सर्वे रिपोर्ट चार अगस्त तक अदालत में पेश की जाए।

इसी तिथि में अगली सुनवाई होगी। जिला जज की अदालत के आदेश के खिलाफ अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी की अपील पर 24 जुलाई की दोपहर से सुप्रीम कोर्ट और फिर हाईकोर्ट के आदेश से अब तक सर्वे का काम रुका हुआ था। गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने न्याय हित में ज्ञानवापी के वैज्ञानिक सर्वे को जरूरी बताया और एएसआई को सर्वे को जारी रखने का आदेश दिया।

बौद्ध पक्ष ने ज्ञानवापी को बताया बौद्ध मठ

ज्ञानवापी मंदिर मस्जिद विवाद में बौद्ध समाज की भी एंट्री हो गई है। उनका दावा है कि ज्ञानवापी मंदिर या मस्जिद नहीं, उनका मठ है। जिसे तोड़कर पहले मंदिर और फिर मस्जिद में बदला गया। इस पक्ष का कहना है कि वे जल्द ही अपने दावे के साथ कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

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