Home » 12 अगस्त को तीन साल बाद परमा एकादशी, जानें इस व्रत की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त के बारे में

12 अगस्त को तीन साल बाद परमा एकादशी, जानें इस व्रत की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त के बारे में

by Rakesh Pandey
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

धर्म कर्म डेस्क: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का बहुत बड़ा महत्व है। साल में कुल 24 एकादशी का व्रत होते हैं। लेकिन इस बार अधिकमास होने से इस साल कुल 26 एकादशी की तिथि पड़ेगी। अधिकमास में पड़ने वाले एकादशी को परमा एकादशी कहा जाता है। यह एकादशी व्रत भगवान विष्णु का अति प्रिय है। वहीं अधिकमास भी भगवान विष्णु का प्रिय महीना है। जो भक्त अधिकमास में पड़ने वाला एकादशी व्रत को करता है, उसे भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

हर तीन साल के बाद आता है परमा एकादशी

परमा एकादशी हर तीन साल के बाद आने वाले अधिकमास महीने के कृष्ण पक्ष को एकादशी तिथि को आता है। परमा एकादशी अधिकमास में ही पड़ता है। इस व्रत का बहुत बड़ा महत्व है। ऐसा माना जाता है कि परमा एकादशी व्रत रखने से जीवन के सारे दुःख नष्ट हो जाते है। साथ ही धन सुख शांति की प्राप्ति होती है।

इस साल 12 अगस्त को है परमा एकादशी

भगवान विष्णु के प्रिय परमा एकादशी इस साल 12 अगस्त को पड़ेगा। परमा एकादशी की शुरुआत 12 अगस्त शनिवार सुबह 7:28 से होगी। वहीं इसका समापन 13 अगस्त रविवार सुबह 9:07 बजे होगा। हिंदू कैलेंडर के अनुसार 12 अगस्त को परमा एकादशी पड़ेगा। वहीं अगले दिन एकादशी का पारण करना चाहिए।

क्या है पूजा कि विधि ?

अगर परमा एकादशी की पूजा विधि की बात की जाए तो सबसे पहले परमा एकादशी के दिन व्रती को सुबह स्नान ध्यान कर नये वस्त्र धारण करें। उसके बाद घर के मन्दिर में स्थापित देवी देवताओं को दीप दिखाएं। विशेष रूप से भगवान विष्णु की मंगल भजन करें। इसके बाद उन्हें गंगा जल से अभिषेक करें। इसके बाद व्रती परमा एकादशी व्रत का संकल्प ले। इसके बाद विष्णु सहस्त्रनाम का जाप करते हुए भगवान विष्णु की पूरे- विधि विधान से पूजा करे। प्रसाद के रूप में फल, दूध, दही व मिष्ठान का भोग लगाएं। पूरे दिन व्रत तक विष्णु सहस्त्रनाम, गोपाल सहस्त्रनाम, ओम नमो भगवते वासुदेवाय नमः का जाप करें।

परमा एकादशी व्रत से नहीं होती धन की कमी

परमा एकादशी करने से भगवान विष्णु की कृपा सदा बनी रहती है। इस व्रत को करने से व्रती की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। कभी धन की कमी नहीं होती है।

READ ALSO : Landslide : जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाइवे 44 पर भारी लैंडस्लाइड के चलते अमरनाथ यात्रा रुकी

व्रत को क्या खाना है वर्जित?

ऐसी मान्यता है कि परमा एकादशी के दिन विशेष रूप से मांस, अंडा, प्याज, लहसुन नहीं खाना चाहिए। साथ ही किसी प्रकार के नशीला पदार्थ भी वर्जित है। व्रत के दिन विशेष रूप से व्रत के नियमों के पालन करना चाहिए।

Related Articles