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सोरायसिस होने का खतरा इन्हें अधिक, डॉक्टर व वैज्ञानिक ढूंढ रहे हैं कारण, जानिए लक्षण व उपचार क्या है

by Rakesh Pandey
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हेल्थ डेस्क, नई दिल्ली : सोरायसिस का नाम सुनते ही लोग डर जाते हैं। उनके मन में कई तरह के सवाल चलने लगते हैं। कोई उम्र का हवाला देते है तो कोई खान-पान को दोषी ठहराता है लेकिन आपको बता दें कि अभी तक इस बीमारी का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। अभी भी इस बीमारी का कारण ढूंढने में डॉक्टर व वैज्ञानिकों की टीम लगी हुई है। दरअसल, सोरायसिस एक त्वचा रोग है। इसमें शरीर पर लाल रंग के चकते बनने लगते हैं और वह पपड़ीदार बनकर बाहर निकलते हैं। इससे अधिकांश लोग डर जाते हैं। उन्हें लगता है कि कोई बड़ी बीमारी हो गई है लेकिन ऐसा नहीं है। झारखंड राज्य के जाने-माने चर्म रोग विशेषज्ञ डा. आर. कुमार कहते हैं कि इस बीमारी का इलाज शत प्रतिशत संभव है।

बच्चे को भी होती है यह बीमारी

चर्म रोग विशेषज्ञ डा. आर. कुमार कहते हैं कि वैसे तो अधिकांश मामले जवान या फिर बड़े उम्र के लोगों में देखा जाता है लेकिन कभी-कभार सोरायसिस बच्चों में भी देखने को मिलता है। इसके प्रति लोगों में जागरूकता की कमी है। ऐसा भी देखा जाता है कि जब किसी व्यक्ति को सोरायसिस होता है तो लोग उनसे दूरी बनाने लगते हैं। वे इसे छूआछूत की बीमारी समझने लगते हैं। जबकि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। यह किसी तरह का संक्रमण बीमारी नहीं है।

सोरायसिस का लक्षण क्या है

– शरीर के विभिन्न भागों में लाल रंग के निशान और पपड़ीदार चकत्ते
– यह शरीर के किसी भी भाग में हो सकता है। सिर से लेकर कान, तलवा जननांग सहित अन्य।
– जिन स्थानों पर लाल रंग होता है वहां पर खुजली काफी ज्यादा होती हैं।
– इसके लक्षण में जोड़ों का दर्द, सूजन या अकड़न भी शामिल है।
– नाखून का रंग बदलना भी इसका इसका लक्षण है।

सोरायसिस से बचाव

सोरायसिस के लक्षण सामने आने के बाद उसमें लापरवाही नहीं बरते। किसी अच्छे चर्म रोग विशेषज्ञ से मिलकर परामर्श लेनी चाहिए। अन्यथा यह बीमारी बढ़ते जाएगी। कई बार मरीज अपने मन से क्रीम खरीद लगाने लगते हैं जिससे उनकी स्थिति और गंभीर हो जाती है। डा. आर. कुमार कहते हैं कि इस दौरान साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। साथ ही, अपने शरीर पर मॉइस्चराइजर लगाना चाहिए। इससे आपका चमड़ा व पपड़ी वाले भाग नरम रहेगा।

इससे बचें :-

– अगर आप सोरायसिस के रोगी हैं तो आपको कुछ बातों पर विशेष रूप से ध्यान देने की जरूरत होती है।
– शरीर के जिन भागों में पपड़ी होता है वहां पर खुजली अधिक होता है। ऐसे में खुजली ना करें। इससे जख्म और बढ़ जाता है।
– कई लोग गर्म पानी से स्नान करते हैं। जबकि इससे बचने की जरूरत है। यह परेशानी और बढ़ा देता है।
– तनाव कभी नहीं ले। ऐसा देखा गया है कि जब मरीज तनाव में होते हैं तो उनका स्थिति बिगड़ जाती है।
– शरीर का पाचन तंत्र अच्छी होनी चाहिए।
– डॉक्टर के संपर्क में लगातार रहें। उनके बताए हुए दवा ही लें।
– इस रोग को लेकर बाजार में कई तरह की क्रीम मौजूद है और ठीक करने का दावा करता है लेकिन बिना चिकित्सक के सलाह पर कोई भी क्रीम नहीं लें।

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भारत में कितने लोग पीड़ित

सोरायसिस बीमारी लगातार देखने को मिल रही है। हालांकि, लोगों में इसके प्रति जागरूकता की भारी कमी है। शुरुआती दौर में लोग नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन जब उनकी स्थिति गंभीर हो जाती है तब वे चिकित्सक के पास पहुंचते हैं। भारत में लगभग साढ़े तीन करोड़ लोग इस बीमारी से ग्रस्त हैं। इसकी दवा काफी महंगी आती है जिसके कारण मरीजों को इलाज में परेशानी होती है। हालांकि, लोगों में अब धीरे-धीरे जागरूकता बढ़ रही है।

नोट :: सोरायसिस मरीज कोई भी क्रीम या दवा खाने से पूर्व एक बाद विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। द फोटोन न्यूज किसी तरह का दावा नहीं करता है।

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