नयी दिल्ली: वायकॉम 18 ने गुरुवार को त्रिकोणीय मुकाबले में स्टार इंडिया और सोनी को पीछे छोड़ कर लगभग 6000 करोड़ रुपये की बोली से अगले पांच वर्षों के लिए राष्ट्रीय टीम की घरेलू श्रृंखलाओं के टीवी और डिजिटल अधिकार हासिल करके भारतीय क्रिकेट प्रसारण क्षेत्र में एकतरह से एकाधिकार स्थापित कर लिया।
भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए टीवी और डिजिटल दोनों के लिए अलग-अलग ई-बोलियां आमंत्रित की थी। वायकॉम 18 ने डिजिटल के लिए 3101 करोड़ रुपये (लगभग) और लीनियर (टीवी) के लिए 2862 करोड़ रुपये का भुगतान किया। जैसा की चलन है डिजिटल से अधिक कमाई हुई।
22 सितंबर से शुरू होने वाली तीन मैचों की श्रृंखला से प्रभावी होंगे प्रसारण अधिकार :
प्रसारण उद्योग से जुड़े एक सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर कहा कि वायकॉम ने 26000 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि में आईपीएल के डिजिटल अधिकार खरीदे थे और अब आईपीएल के टीवी अधिकार और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के अधिकारों को छोड़कर उसके पास अधिकतर शीर्ष प्रतियोगिताओं के अधिकार हैं। वायकॉम के अधिकार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 22 सितंबर से शुरू होने वाली तीन मैचों की श्रृंखला से प्रभावी होंगे और यह 31 मार्च 2028 तक चलेंगे।
पांच वर्षों के लिए मिला अधिकार :
बीसीसीआई के सचिव जय शाह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि वायकॉम 18 को अगले पांच वर्षों के लिए बीसीसीआई के टीवी और डिजिटल अधिकार खरीदने के लिए बधाई। भारतीय क्रिकेट का दोनों मंच पर विकास जारी रहेगा क्योंकि आईपीएल और डब्ल्यूपीएल के अधिकारों के बाद हमने बीसीसीआई मीडिया अधिकार के लिए भी साझेदारी की है।
बीसीसीआई को लगभग 67.76 करोड़ रुपए मिलेंगे :
भारत अगले पांच वर्षों में तीनों प्रारूपों में 88 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेगा। इनमें 25 टेस्ट, 27 वनडे और 36 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच शामिल है। नये करार के अनुसार प्रत्येक मैच के लिए बीसीसीआई को लगभग 67.76 करोड़ रुपए मिलेंगे। यह पिछले चक्र के 60 करोड़ रुपए प्रति मैच से लगभग 7.76 करोड़ अधिक है।
बीसीसीआई को हालांकि पिछले चक्र की तुलना में 175 करोड़ रुपए कम मिलेंगे। पिछले चक्र में 102 मैच खेले गए थे और बीसीसीआई को कुल 6138 करोड़ रुपए मिले थे।
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