Home » मणिपुर में 29 अगस्त से अब तक आठ लोगों की मौत: जानें कैसी है स्थिति?

मणिपुर में 29 अगस्त से अब तक आठ लोगों की मौत: जानें कैसी है स्थिति?

by Rakesh Pandey
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

इंफाल : मणिपुर के बिष्णुपुर और चुराचांदपुर जिलों में पिछले 72 घंटों के दौरान कुकी और मेइती के बीच लगातार गोलीबारी के कारण कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और दो सुरक्षाकर्मियों सहित 18 अन्य घायल हो गये। अधिकारियों ने बताया कि बिष्णुपुर जिले के खोइरेंटक तलहटी और चुराचांदपुर जिले के चिंगफेई और खौसाबुंग इलाकों में दोनों समूहों के बीच गोलीबारी जारी है। उन्होंने कहा कि हिंसा 29 अगस्त को शुरू हुई, जब खोइरेंटक क्षेत्र में भारी गोलीबारी के बाद लगभग 30 वर्षीय एक ग्रामीण की मौत हो गयी थी।

गलती से गोली चली और मौत :

अधिकारियों के मुताबिक, उसी दिन बिष्णुपुर के नारायणसेना गांव के समीप एक व्यक्ति द्वारा देशी तमंचे का प्रयोग करते हुए गलती से गोली चल गयी, जो उसके चेहरे पर लगी और उसकी मौत हो गयी। बुधवार शाम को कुछ घंटों की शांति के बाद गोलीबारी की ताजा शुरुआत गुरुवार सुबह हुई। उन्होंने बताया कि बुधवार को हिंसा के दौरान सिर में चोट लगने से घायल हुए एक व्यक्ति की मिजोरम के रास्ते गुवाहाटी ले जाते समय मौत हो गयी। अधिकारियों ने बताया कि हिंसा में घायल हुए एक अन्य व्यक्ति की गुरुवार सुबह लगभग नौ बजे चुराचांदपुर जिले के अस्पताल में मौत हो गयी।

चिंगफेई इलाके में हुई गोलीबारी में पांच लोग घायल :

चिंगफेई इलाके में बुधवार शाम हुई गोलीबारी में घायल हुए पांच लोगों में से तीन को चुराचांदपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बिष्णुपुर के नारायणसेना गांव के निकट मंगलवार को हिंसा की विभिन्न घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई थी और छह अन्य घायल हो गये थे। सूत्रों ने बताया कि एक की मौत गोली लगने हुई थी जबकि दूसरे की मौत खुद की देसी बंदूक से गोली चेहरे पर लगने से हुई।

आपातकालीन बंद का किया आह्वान :

इस बीच, इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (आईटीएलएफ) ने चुराचांदपुर में तत्काल प्रभाव से आपातकालीन बंद का आह्वान किया है। आईटीएलएफ के एक बयान में कहा गया है कि पानी और चिकित्सा आपूर्ति सहित आवश्यक सेवाओं को बंद के दायरे से छूट दी गई है। आईटीएलएफ ने एक अलग बयान में दावा किया गया कि पीड़ितों में गायक एलएस मंगबोई लुंगडिम (50) भी शामिल हैं, जिन्होंने तीन मई को मणिपुर में जातीय हिंसा भड़कने के बाद ‘आई गम हिलौ हैम’ (क्या यह हमारी भूमि नहीं है?) गीत तैयार किया था और यह आदिवासी एकता का नारा बन गया था।

सीमांत और संवेदनशील इलाकों में तलाशी अभियान जारी :

मणिपुर पुलिस ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि सुरक्षा बलों द्वारा कांगपोकपी, थौबल, चुराचांदपुर और इंफाल-पश्चिम जिलों के सीमांत और संवेदनशील इलाकों में तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान पांच हथियार, 31 गोला-बारूद, 19 विस्फोटक, आईईडी सामग्री के तीन पैक बरामद किए गये।

READ ALSO : क्या देश में एक साथ होंगे चुनाव, केंद्र ने बनाई कमेटी, जानें विपक्ष ने क्या कहा

1,646 लोगों को हिरासत में लिया :

पुलिस ने विभिन्न जिलों में 130 नाके भी लगाए हैं और नियमों का उल्लंघन करने पर 1,646 लोगों को हिरासत में लिया है। मणिपुर में अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में पर्वतीय जिलों में तीन मई को ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद राज्य में भड़की जातीय हिंसा में अब तक 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

Related Articles