पटना। कांग्रेस की बिहार इकाई के अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने शुक्रवार को कहा कि अगले लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी कई सीटों पर चुनाव लड़ेगी। यहां प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में संवाददाता सम्मेलन में सिंह ने यह तो स्पष्ट नहीं किया कि उनकी पार्टी कितनी सीट पर चुनाव लड़ेगी लेकिन यह संकेत जरूर दिया कि ‘पिछले आम चुनाव में जितनी सीटों पर चुनाव लड़ा गया था, इस बार भी उतनी ही सीटों पर लड़ेंगे।

उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले चुनाव में 400 से अधिक सीट पर लड़कर महज 52 सीट जीतने वाली कांग्रेस पिछले एक साल में और मजबूत होकर उभरी है जिसका पूरा श्रेय उन्होंने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को दिया।

हमारा संख्या बल किसी भी विपक्षी दल से अधिक :
जब उनसे पूछा गया कि क्या कांग्रेस को विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन में अपने सहयोगी दलों से अपना उचित हिस्सा प्राप्त करने में मुश्किल हो सकती है तो उन्होंने कहा कि हमारी हैसियत का इस बात से अंदाजा लगाया जाये कि लोकसभा में हमारा संख्याबल किसी भी विपक्षी दल से अधिक है। राज्यसभा सदस्य सिंह ने कहा कि यहां तक कि बिहार में भी हमारी ही पार्टी ऐसी विपक्षी पार्टी थी जिसने एक सीट जीती।
2019 में जितनी सीटों पर हम लड़े थे इस बार भी उतनी ही सीटों पर लड़ेंगे
राज्यसभा सदस्य सिंह 2019 के लोकसभा चुनाव परिणाम का हवाला दे रहे थे, जब नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड के साथ मिलकर राजग राज्य की 40 सीट में से 39 जीत गया था। उस चुनाव में किशनगंज से कांग्रेस प्रत्याशी को जीत मिली थी। उन्होंने कहा अब की स्थिति काफी बेहतर है। हम लोग कई सीटों पर इस बार बेहतर प्रदर्शन करेंगे। इस बार सामंजस्य बनाकर दमदार उम्मीदवार को मैदान में उतारा जायेगा।
मंत्री मंडल का जब भी विस्तार होगा मिलेगा स्थान :
लालू प्रसाद के राष्ट्रीय जनता दल के साथ रह चुके सिंह ने कहा कि मेरे नेतृत्व में कांग्रेस सीटों के बंटवारे में सम्मानजनक हिस्सा मिलने को लेकर आश्वस्त रह सकती है। उन्होंने विश्वास प्रकट किया कि मुख्यमंत्री जब भी बिहार मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे तो दो और मंत्रि पद की कांग्रेस की मांग को वह मान लेंगे। इंडिया बनाम भारत के विवाद पर कांग्रेस नेता ने कहा कि यह विपक्षी गठबंधन की बढ़ती लोकप्रियता से उपजी असुरक्षा है । यह महंगाई और सांठगांठ वाले पूंजीवाद (क्रोनी कैपटलिज्म) से लोगों का ध्यान बांटने की तरकीब भी है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने संसद के आगामी विशेष सत्र का एजेंडा सरकार द्वारा नहीं बताये जाने को लेकर भी निराशा प्रकट की।
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