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Kolhan University News : चाईबासा में उच्च शिक्षा का बड़ा कदम: कोल्हान विश्वविद्यालय और महिंद्रा प्राइड क्लासरूम के बीच हुआ करार, छात्राओं को मिलेगा मुफ्त सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण

by Rajeshwar Pandey
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चाईबासा : कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा और महिंद्रा एंड महिंद्रा समूह की सीएसआर इकाई ‘महिंद्रा प्राइड क्लासरूम’ के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर मुहर लगी है। इस साझीदारी का मुख्य उद्देश्य छात्राओं के भीतर छिपी प्रतिभा को निखारना, उनके व्यक्तित्व का विकास करना और भविष्य के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलना है।

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. डॉ. अंजिला गुप्ता की गरिमामयी मौजूदगी में इस अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए। इस दौरान कुलसचिव डॉ. अमर कुमार, उप-कुलसचिव मुरली कुमार मिश्रा, झारखंड के स्टेट ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर रिंकू सिंह, ईस्ट एंड नॉर्थ ईस्ट के प्रोग्राम मैनेजर मृत्युंजय कुमार, अप्रेंटिसशिप, इंटर्नशिप एवं प्लेसमेंट निदेशक डॉ. सुनीता कुमारी, वित्त पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार सिंह, प्रॉक्टर डॉ. राजेंद्र भारती, सीवीसी डॉ. प्रभात कुमार सिंह तथा एनएसएस निदेशक एवं मीडिया सह-प्रवक्ता डॉ. मीनाक्षी मुंडा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

आपको बता दें कि नांदी फाउंडेशन एक प्रतिष्ठित सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट है, जो शिक्षा, आजीविका और कौशल संवर्धन के क्षेत्र में लगातार काम कर रहा है। यही संस्था महिंद्रा एंड महिंद्रा समूह की इस सीएसआर पहल यानी ‘महिंद्रा प्राइड क्लासरूम’ को धरातल पर उतारती है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को कार्यस्थल की वास्तविक चुनौतियों से मुकाबला करने और रोजगार के योग्य बनाना है।

इस नए अनुबंध के दायरे में बीए, बीएससी, बीकॉम, एमए, एमएससी, एमकॉम, बीबीए और एमबीए जैसे विभिन्न पाठ्यक्रमों के अंतिम दो सालों में अध्ययनरत छात्राएं आएंगी, जिन्हें पूरी तरह से निःशुल्क सॉफ्ट स्किल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस ट्रेनिंग प्रोग्राम के दौरान मुख्य रूप से बातचीत करने की कला (कम्युनिकेशन स्किल), आत्मविश्वास में वृद्धि, व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास और कॉरपोरेट जगत की जरूरतों के मुताबिक दक्षताएं मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

विश्वविद्यालय प्रबंधन का मानना है कि यह पहलता छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने और पारंपरिक उच्च शिक्षा को सीधे रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगी। इससे बेटियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव हासिल होगा, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों का सामना आत्मविश्वास के साथ कर सकेंगी।

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