RANCHI: अबुआ दिशोम बजट को लेकर आयोजित दो दिवसीय बजट पूर्व गोष्ठी शुक्रवार को सम्पन्न हो गया। गोष्ठी में विशेषज्ञों, विभागीय पदाधिकारियों और मंत्रियों ने राज्य के समग्र विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और बजटीय प्राथमिकताओं पर विस्तृत मंथन किया। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और बजटीय आवंटन का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बजट का उद्देश्य लोकतांत्रिक और समावेशी विकास होना चाहिए, जिससे समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचे।
वित्त मंत्री ने राजस्व वृद्धि पर जोर देते हुए कहा कि टैक्स प्रणाली में लगातार सुधार हो रहा है और आगे भी राजस्व संग्रह पर विशेष फोकस करना होगा। कृषि, सिंचाई, ग्रामीण विकास और स्वास्थ्य को प्राथमिकता वाले क्षेत्र बताते हुए उन्होंने कहा कि पोषाहार जैसी योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचे, इसके लिए प्रशासनिक सतर्कता जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं में बढ़ते ब्रेस्ट कैंसर के मामलों को गंभीर बताते हुए उन्होंने सरकारी मेडिकल कॉलेजों और जिलों के सदर अस्पतालों में मैमोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआरआई सुविधाओं के विस्तार का सुझाव दिया।
मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि वर्ष 2020 के बाद झारखंड ने शिक्षा, ऊर्जा और नारी सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। प्राथमिक शिक्षा में ड्रॉपआउट लगभग शून्य है और उच्च शिक्षा में भी स्थिति बेहतर हुई है। उन्होंने सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना और मइयां सम्मान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार बालिकाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। ऊर्जा क्षेत्र में ग्रीन एनर्जी की ओर निर्णायक कदम उठाने और आगामी 10 वर्षों के लिए दीर्घकालीन कार्ययोजना तैयार करने की बात कही गई।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने पर बल देते हुए रिम्स-2, हाईटेक लैब और सभी जिलों में आईसीयू बेड की उपलब्धता सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने स्वास्थ्य तथा खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के बजट में वृद्धि की मांग की और पीडीएस के माध्यम से सरसों तेल, दाल, अंडा और मिलेट्स शामिल करने पर जोर दिया।
गोष्ठी में जीएसटी सुधार, पीडीएस में पोषणयुक्त खाद्य पदार्थ, ग्रीन एनर्जी, ट्राइबल आजीविका, जीआई टैगिंग, महिला उद्यमिता, कौशल विकास और आधारभूत संरचना के विकास से जुड़े कुल 29 प्रमुख सुझाव सामने आए। दूसरे दिन नौ विभागों के बजटीय प्रावधानों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे।

