नई दिल्ली : भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। आगरा की एमपी/एमएलए अदालत ने किसानों और महात्मा गांधी पर उनकी अभद्र टिप्पणी को लेकर उन्हें नोटिस जारी किया है। अदालत ने अभिनेत्री को 28 नवंबर तक पेश होकर अपना पक्ष रखने का समय दिया है। गौरतलब है कि कंगना ने दिल्ली बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों पर आपत्तिजनक बयान दिया था।

अदालत में दर्ज हुई याचिका
आगरा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमाशंकर शर्मा ने 11 सितंबर को एमपी/एमएलए कोर्ट में कंगना के खिलाफ किसानों पर अभद्र टिप्पणी करने के विरोध में याचिका दायर की थी। उन्होंने कहा कि कंगना के बयान ने किसानों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है और उन पर देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
विवादित बयान का ब्योरा
रमाशंकर शर्मा ने बताया कि 27 अगस्त को एक अखबार में कंगना के बयान के बारे में पढ़ा। उसमें लिखा था कि कंगना ने कहा कि अगस्त 2020 से दिसंबर 2021 तक किसान काले कानून के विरोध में दिल्ली बॉर्डर पर धरने पर बैठे थे। इस दौरान बलात्कार और हत्या की घटनाएं हुईं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर देश की लीडरशिप मजबूत न होती, तो भारत में बांग्लादेश जैसे हालात बन जाते।
भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप
रमाशंकर शर्मा का कहना है कि कंगना ने न केवल किसानों, बल्कि लाखों नागरिकों की भावनाओं को आहत किया है। 31 अगस्त को उन्होंने पुलिस आयुक्त और न्यू आगरा पुलिस स्टेशन को शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की थी। उनका कहना है कि कंगना के बयान से किसानों की छवि खराब हुई है, जो अस्वीकार्य है।

