सेंट्रल डेस्क। भारत में इन दिनों नागरिकता का मुद्दा छाया हुआ है। किसी की नागरिकता भारत सरकार छीन ले रही है, तो किसी को भारत में रहने के 43 साल बाद नागरिकता दी जा रही है। शेन सेबेस्टियन परेरा को 43 वर्षों के बाद भारत की नारिकता मिली है। जाहिर है इससे वो औऱ उनके परिवार बेहद खुश है, क्योंकि सालों बाद वो ऑफिशियली भारत के सदस्य हो गए है।
कराची में जन्म, चार महीने बाद ही आ गए थे अपने पैतृक गांव
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने पाकिस्तान में जन्मे शेन सबेस्टियन परेरा को नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के तहत भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र सौंप दिया। शेन और उनका परिवार उत्तरी गोवा के अंजुना के डेमेलो वड्डो से है, उनका जन्म 4 अगस्त, 1981 को पाकिस्तान के कराची में हुआ था। कराची में जन्मे शेन अपने जन्म के चार महीने बाद ही गोवा में अपने पैतृक गांव में रहने के लिए भारत आ गए थे, लेकिन भारतीय नागरिकता प्राप्त करने में उन्हें 43 साल लग गए।
2012 में भारतीय नागरिक मारिया ग्लोरिया फर्नांडिस से की शादी
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने मंगलवार को पाकिस्तान में जन्मे परेरा को भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र मिल गया। मूल रूप से उत्तरी गोवा के अंजुना में डेमेलो वाडो के रहने वाले शेन ने कहा कि उनके माता-पिता कराची चले गए थे, जहां अगस्त 1981 में उनका जन्म हुआ था। उनके जन्म के चार महीने बाद, परिवार वापस गोवा चला आया। जहां उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। उन्होंने 2012 में एक भारतीय नागरिक मारिया ग्लोरिया फर्नांडिस से शादी की। उन्होंने बताया कि वर्षों से वो भारतीय नागरिकता प्राप्त करने की जद्दोजहद कर रहे थे। आखिरकार जोसेफ परेरा से प्रेरित होकर मैंने नागरिकता के लिए फिर से आवेदन कर दिया। बता दें कि इस साल अगस्त में भारतीय नागरिकता प्राप्त करने वाले एक अन्य पाकिस्तानी नागरिक जोसेफ फ्रांसिस परेरा को भी भारतीय नागरिकता सर्टिफिकेट दिया गया।
सर्टिफिकेट में लिखा गया कि शेन भारत के नागरिक के रूप में पंजीकृत है
इंडियन सिटीजनशिप सर्टिफिकेट में स्पष्ट लिखा गया है कि शेन भारत के नागरिक के रूप में नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 5 (1) (सी) के तहत शर्तों को पूरा करते हुए धारा 6बी के प्रावधानों के तहत भारत के नागरिक के रूप में पंजीकृत है। प्रमाणपत्र देने के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सीएए से गोवावासियों को कैसे फायदा पहुंचेगा।
शेन इस प्रमाण पत्र को प्राप्त करने वाले दूसरे गोवावासी हैं
उन्होंने कहा, शेन इस प्रमाण पत्र को प्राप्त करने वाले दूसरे गोवावासी हैं और कई अन्य लोगों ने आवेदन किया है, उनके आवेदन फिलहाल अंडर प्रोसेस हैं। उन्होंने कहा कि सीएए से कई गोवावासियों को लाभ होगा। सावंत ने बताया कि सीएए के तहत नागरिकता के लिए शेन के आवेदन को तीन महीने के भीतर मंजूरी दे दी गई थी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अधिनियम को लागू करने के फैसले से पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान जैसे देशों में फंसे हिंदुओं, ईसाइयों, जैनियों, पारसियों, बौद्धों और सिखों को मदद मिलेगी।

