Jamshedpur : निजी विद्यालयों में गरीब एवं वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित 25 प्रतिशत सीटों पर नामांकन को लेकर दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। जिला शिक्षा विभाग द्वारा की जा रही जांच में अब तक कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। विभागीय जांच में पता चला है कि कुछ अभिभावकों ने गलत तरीके से आय प्रमाण पत्र और जन्म प्रमाण पत्र बनवाकर आवेदन किया था।
जिला शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस वर्ष कुल 3031 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से अब तक लगभग 2400 से अधिक आवेदनों की स्क्रूटनी पूरी कर ली गई है। जांच के दौरान 307 से अधिक आवेदन पत्र रद्द किए गए हैं। इसमें 122 आवेदन जाली पाए गए हैं, जिनमें दस्तावेजों में गड़बड़ी या गलत जानकारी दी गई थी। ऐसे आवेदनों को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों ने बताया कि इस बार मार्च के पहले सप्ताह तक ही सभी आवेदनों की जांच पूरी करने का लक्ष्य रखा गया था। इसके लिए सभी आवेदनों के साथ संलग्न दस्तावेजों को सत्यापन के लिए जुगसलाई नगर परिषद (जेएनएसी), मानगो नगर निगम (एमएमसी) तथा संबंधित अंचल कार्यालयों को भेजा गया था, ताकि आय प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेजों की सही तरीके से जांच की जा सके।
हालांकि हाल ही में हुए नगर निकाय चुनाव के कारण कई अधिकारी और कर्मचारी चुनाव कार्य में व्यस्त हो गए थे। इसी वजह से दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया में थोड़ी देरी हो गई। विभाग का कहना है कि अगले दस दिनों में सभी आवेदनों की जांच पूरी कर ली जाएगी।
जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि मार्च के अंतिम सप्ताह तक पूरी प्रक्रिया समाप्त कर ली जाएगी और उसके बाद लॉटरी के माध्यम से बच्चों का चयन किया जाएगा। इसके साथ ही विभाग ने स्पष्ट किया है कि बीपीएल कोटे में दाखिले के नाम पर गड़बड़ी करने वाले बिचौलियों पर भी नजर रखी जा रही है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

