चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले में 22 लोगों की जान लेने के बाद हाथी अब घर और फसल को नष्ट कर रहा है। चारों तरफ हाथी के तांडव से ग्रामीण परेशान हैं। ताजा मामला है, पश्चिमी सिंहभूम जिला के मंझगांव थाना क्षेत्र के शियालजोड़ा गांव में दंतैल हाथी के कहर से लोग परेशान हैं। पूरी रात में मजबूर होकर जाग कर अपना तथा अपने परिवार की रखवाली कर रहे हैं। हाथी शनिवार रात करीब 10.30 बजे शियालजोड़ा गांव में घुस आया और उत्पात मचाना शुरू कर दिया। हाथी ने जयनाथ महतो और ईश्वर महतो के घर को क्षतिग्रस्त कर दिया और घर में रखे अनाज को पूरी तरह नष्ट कर दिया। शंकर महतो के घर के पास लगे सब्जी के खेत को खाकर तहस-नहस कर दिया।
इसके बाद ग्रामीणों ने एकजुट होकर मशालें जलाईं और पटाखे फोड़े, तब कहीं जाकर घंटों की मशक्कत करने के बाद हाथी गांव छोड़कर जंगल की ओर चला गया। घटना के बाद गांव में दहशत बनी हुई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और हाथी के स्थायी समाधान की मांग की है। आस पास गांव में आलम यह है कि गांव वाले एक सुरक्षित घर में करीब 15-20 लोग एक साथ रात गुजार रहे हैं। इस घर में अधिकांश महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, जबकि पुरुष रात भर बाहर रह कर हाथी की निगरानी कर रहे हैं।
चाईबासा डीएफओ ने कहा कि ओडिशा से दंतैल हाथी को खदेड़ने के बाद झारखंड सीमा के अंदर खरपोस नदी के आसपास मुखिया द्वारा देखा गया था। इसके बाद बनतारा और वन विभाग की खास टीम के द्वारा हाथी को ट्रैंकुलाइज करने के लिए ट्रेस किया जा रहा था। परंतु हाथी बताए स्थान पर नहीं पाया गया। इसके बाद ट्रेसिंग का कार्य जारी है। पूरे टीम के साथ प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा बताया गया कि हाथी जंगल की ओर चला गया है। उसे ढूंढने में विभाग को काफी मशक्कत लगानी पड़ रही है।

