रांची: झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली मांडर की बेटी रेखा तिर्की को 1 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की है। रेखा ने JAC की 12वीं की परीक्षा में कॉमर्स विषय में राज्यभर में छठा स्थान प्राप्त किया है। इस अवसर पर मंत्री खुद मांडर के मेसाल गांव स्थित महादेव उरांव के आवास पर पहुंचीं और रेखा को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने रेखा की मां सीता उरांव को एक लाख रुपये का चेक सौंपा, जिससे रेखा की आगे की पढ़ाई में आर्थिक अड़चनों को दूर किया जा सके।

माता-पिता करते है मजदूरी
मंत्री ने इस उपलब्धि पर कहा कि रेखा ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अनुशासन और मेहनत से सफलता पाई है, जो पूरे आदिवासी समाज के लिए प्रेरणा है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि रेखा के करियर निर्माण में सरकार की ओर से हर संभव सहायता दी जाएगी। रेखा के माता-पिता दिहाड़ी मजदूरी करते हैं, ने कहा कि वह अकाउंट्स ऑनर्स की पढ़ाई करना चाहती हैं। अब मंत्री के सहयोग से उनका यह सपना साकार हो सकेगा।
मेरी बर्नादेत्ता की तीर्थ यात्रा में हुई शामिल
रविवार को ही मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की सरगांव में आयोजित माता मेरी बर्नादेत्ता प्रसाद किस्पोट्टा की 64वीं पुण्यतिथि पर आयोजित तीर्थ यात्रा में भी शामिल हुईं। इस धार्मिक कार्यक्रम में रांची महाधर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष विनसेंट आइंद की विशेष उपस्थिति रही। इस मौके पर उनके जीवन और समाज सेवा पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन भी किया गया। कृषि मंत्री ने कहा कि माता किस्पोट्टा का जीवन सेवा और समर्पण का आदर्श है, खासकर शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनका योगदान प्रेरणादायक रहा। उन्होंने युवाओं से अपने पुरखों के इतिहास को समझने और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि सेवा का मार्ग कठिन जरूर होता है, लेकिन इसी मार्ग ने माता किस्पोट्टा को समाज में अमर बना दिया।
इनकी रही मौजूदगी
इस कार्यक्रम में संत अन्ना की बहनों के साथ-साथ कई सामाजिक और धार्मिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिसमें सी लिली ग्रेस, फादर अजित खेस, सुजाता कुजूर और स्थानीय मुखिया शामिल थे।

