
चक्रधरपुर : 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के आमंत्रण पर ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (AIRF) ने रेलवे कर्मचारियों से जुड़ी मांगों को आयोग के समक्ष मजबूती से रखा। रेल कर्मचारियों की कार्यप्रणाली, जोखिम और कठिनाइयों को तथ्यों के साथ आयोग के सामने प्रस्तुत किया गया।
यह बैठक 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की अध्यक्ष न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में हुई। बैठक में आयोग के सदस्य प्रोफेसर पुलक घोष और सदस्य सचिव पंकज जैन भी मौजूद रहे।
AIRF की ओर से महासचिव कॉमरेड शिव गोपाल मिश्रा के नेतृत्व में कार्यकारी अध्यक्ष कॉमरेड जे.आर. भोसले, सहायक महासचिव कॉमरेड मुकेश माथुर, कॉमरेड अमित कुमार घोष, कॉमरेड एस.के. त्यागी, कॉमरेड के.वी. राघवेंद्र, जोनल सचिव कॉमरेड एल.एन. पाठक, कॉमरेड पीयूष चक्रवर्ती और राष्ट्रीय युवा संयोजक कॉमरेड प्रीति सिंह ने भाग लिया। आयोग ने चर्चा के लिए दो घंटे का समय निर्धारित किया था।
AIRF ने रखीं ये प्रमुख मांगें
न्यूनतम वेतन और रेलवे-विशिष्ट भत्ते
AIRF ने अपने ज्ञापन में न्यूनतम वेतन और रेलवे-विशिष्ट भत्तों की मांग प्रमुखता से उठाई। फेडरेशन ने कहा कि भारतीय रेलवे की कार्यप्रणाली अन्य केंद्रीय विभागों से बिल्कुल अलग है। रेलवे हर मौसम, हर भौगोलिक और पर्यावरणीय परिस्थिति में 24 घंटे, सातों दिन काम करता है।प्राकृतिक आपदाओं और महामारी जैसी विषम परिस्थितियों में रेल कर्मचारियों की भूमिका अहम होती है। इसलिए रेलवे को देश की दूसरी रक्षा पंक्ति (Second Line of Defence) के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए और आधुनिकीकरण के दौर में कर्मचारियों की बढ़ी जिम्मेदारी और कठिन परिस्थितियों के अनुरूप उच्च वेतनमान दिया जाना चाहिए।
सभी रेल कर्मचारियों के लिए विशेष भत्तों की मांग
उच्च जोखिम और खतरनाक परिस्थितियों में काम करने को देखते हुए AIRF ने सभी श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए चार विशेष भत्तों की मांग की –
– Risk & Hardship Allowance – जोखिम एवं कठिनाई भत्ता
– Hazardous Duty Allowance – खतरनाक ड्यूटी भत्ता
– Hill Allowance – पहाड़ी क्षेत्र भत्ता
– Dress Allowance – वर्दी एवं पोशाक भत्ता
लोको और ट्रैफिक रनिंग स्टाफ की समस्याएं
दूसरे चरण में लोको और ट्रैफिक रनिंग स्टाफ की समस्याओं को पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए रखा गया। इसे कॉमरेड पी. गणेशन (SRMU) ने प्रस्तुत किया।
ट्रैक मेंटेनर्स और P-Way सपोर्ट कैडर की मांगें
इंजीनियरिंग विभाग के ट्रैक मेंटेनर्स के कठिन, श्रमसाध्य और जोखिमपूर्ण कार्य को आयोग के सामने रखा गया। कॉमरेड मनीष द्विवेदी (NRMU/NR) और कॉमरेड ब्रजपाल सिंह (NCRMU) ने प्रेजेंटेशन दिया।AIRF ने कहा कि ट्रैक के निर्माण और तकनीकी बदलावों के कारण अब इस काम में उच्च तकनीकी ज्ञान की जरूरत है, इसलिए अन्य इंजीनियरिंग विभागों के टेक्नीशियनों के समान वेतनमान और सुविधाएं ट्रैक मेंटेनर्स को भी मिलनी चाहिए। साथ ही ट्रैक मेंटेनर, पेट्रोलमैन, कीमैन और गेटमैन के लिए विशेष भत्तों की मांग की गई।
सभी विभागों के टेक्नीशियनों के वेतनमान और पदोन्नति
बैठक के अंतिम चरण में सभी इंजीनियरिंग विभागों के टेक्नीशियनों की समस्याएं उठाई गईं। कॉमरेड मुकेश सिंह (ECRKU), कॉमरेड आरिफ हुसैन (NERMU), कॉमरेड इमरान (NRMU/NR) और कॉमरेड एल.एन. पाठक के सहयोग से इसे प्रस्तुत किया गया।
AIRF ने मांग की कि सभी टेक्नीशियनों के साथ समान व्यवहार हो, बेहतर वेतनमान मिले और पदोन्नति के लिए कुछ मध्यवर्ती वेतनमानों को समाप्त कर एकीकृत वेतनमान (Unified Pay Scale) लागू किया जाए।
महिला रेल कर्मचारियों की समस्याएं
AIRF की महिला प्रतिनिधियों श्रीमती असीमा और श्रीमती डॉली कुमारी (NRMU/NR) ने लोको पायलट, सहायक लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर और ट्रैक मेंटेनर श्रेणियों में कार्यरत महिला कर्मचारियों की समस्याओं को रखा। आयोग की अध्यक्ष ने इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।AIRF को उम्मीद है कि रेलवे कर्मचारियों की विशिष्ट कार्यप्रणाली, जोखिम, तकनीकी कौशल और जिम्मेदारियों को देखते हुए आयोग वेतनमान और सुविधाओं के निर्धारण में इन मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा।

