नई दिल्ली : पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) शनिवार को अखिल भारतीय शिक्षा समागम (Akhil Bhartiya Shiksha Samagam) का उद्घाटन प्रगति मैदान के भारत मंडपम में किया। इस दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद रहे। मौके पर मोदी ने कहा कि NEP ने पारंपरिक ज्ञान प्रणाली से लेकर भविष्य की तकनीक तक को संतुलित तरीके से महत्व दिया है।

रिसर्च इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए देश के शिक्षा जगत के सभी महानुभावों ने बहुत मेहनत की है। हमारे छात्र नई व्यवस्थाओं से भली-भांति परिचित हैं, वे जानते हैं कि 10+2 शिक्षा प्रणाली की जगह अब 5+3+3+4 लाई जा रही है। पीएम मोदी ने कहा कि शिक्षा में ही देश का भाग्य बदलने की ताकत है। देश जिस लक्ष्य व उद्देश्य को लेकर आगे बढ़ रहा है उसमें शिक्षा की अहम भूमिका है। आप इसके प्रतिनिधि हैं।
PM ने कहा आज दुनिया जानती है कि…जब सॉफ्टवेयर टेक्नालजी की बात आएगी, तो भविष्य भारत का है। जब स्पेस टेक की बात होगी तो भारत की क्षमता का मुकाबला आसान नहीं है। जब डिफेंस टेक्नालजी की बात होगी तो भारत का ‘लो कॉस्ट’ और ‘बेस्ट क्वालिटी’ का मॉडल ही हिट होगा।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत भी जैसे-जैसे मजबूत हो रहा है, भारत की पहचान और परम्पराओं में भी दुनिया की दिलचस्पी बढ़ रही है। हमें इस बदलाव को विश्व की अपेक्षा के तौर पर लेना होगा। योग, आयुर्वेद, कला, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में भविष्य की अपार संभावनाएं जुड़ी हैं। अब हमें हमें नई पीढ़ी को इनसे परिचित करवाना होगा। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने पीएम श्री योजना के तहत स्कूलों के लिए धनराशि की पहली किस्त जारी की।
पूरा विश्व भारत को नई संभावनाओं की ‘नर्सरी’ के तौर पर देख रहा है:
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज पूरा विश्व हमारी प्रतिभा का लोहा मान रहा है और दुनिया भारत को नई संभावनाओं की ‘नर्सरी’ के तौर पर देख रही है। कई देश अपने यहां भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के परिसर खोलने के लिए सरकार से संपर्क कर रहे हैं। दो आईआईटी परिसरों-तंजानिया में एक परिसर और अबू धाबी में एक परिसर-का संचालन जल्द शुरू होने वाला है। कई वैश्विक विश्वविद्यालय भी हमसे संपर्क कर रहे हैं। वे भारत में अपने परिसर खोलने में रुचि दिखा रहे हैं। हमारे लिए गर्व की बात है।
NEP की वर्षगांठ पर आयोजित हो रहा कार्यक्रम:विदित हो कि तीन साल पहले आज ही के दिन 2020 में युवाओं को तैयार करने और अमृत काल में उनके योगदान के लिए उन्हें सक्षम बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय शिक्षा नीति का
शुभारंभ किया गया था। इस नीति का उद्देश्य भविष्य की चुनौतियों का सामना करते हुए युवाओं को काबिल बनाकर उन्हें मानवीय मूल्यों से जोड़ कर रखना है। इस नीति के लागू होने के बाद 3 वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में कई क्रांतिकारी परिवर्तन देखे गए हैं और आने वाले समय में इसमें कई और बदलाव देखने को मिलेंगे। केंद्र सरकार लगातार इस दिश में काम कर रही है।
जानिए क्या है अखिल भारतीय शिक्षा समागम :
नई दिल्ली में 29 और 30 जुलाई को आयोजित हो रहे अखिल भारतीय शिक्षा समागम की बात करें तो यह एक ऐसा मंच होगा जिसमें 2020 में लागू की गई एनईपी के बाद आए परिवर्तन, सफलता, तौर तरीकों को पर विस्तृत चर्चा होगी। इसमें देश के जाने माने शिक्षाविद, क्षेत्र विशेषज्ञ, उद्योग प्रतिनिधि, नीति निर्माता, स्कूलों के शिक्षक, कौशल संस्थानों के छात्र सहित अन्य लोग उपस्थित होंगे। इस समागम में कुल 16 सत्र रखे गए हैं। जिसमें न्याय संगत तथा समावेशी शिक्षा, गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा, भारतीय ज्ञान प्रणाली, राष्ट्रीय संस्थान रैंकिंग फ्रेमवर्क, सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित समूह के मुद्दे समेत शिक्षा के अंतरराष्ट्रीय करण पर चर्चा होनी है। इसके साथ ही NEP का भविष्य क्या होगा इस पर भी चर्चा होगी।
Read Also : झारखंड के साहिबगंज में सनसनीखेज वारदात : गोली मारकर की गयी युवक की हत्या

