सेंट्रल डेस्क। शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उत्तर महाराष्ट्र में नासिक जिले के मालेगांव में सहकारी क्षेत्र की एक बैठक में भाग लेने पहुंचे। वहां उन्होंने कृषि से लेकर एनसीपी नेता तक सभी पर बात की। शाह ने कहा कि जब विज्ञान सहकारी क्षेत्र का हिस्सा होता है, तो कृषि एक लाभदायक व्यवसाय बन जाता है।

शरद पवार के कार्यकाल पर उठाए सवाल
शाह ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि महज नेता बन जाना काफी नहीं है और उन्होंने कांग्रेस की सरकार (2004-2014) में कृषि मंत्री रहते हुए प्रमुख क्षेत्र में उनके योगदान पर भी सवाल उठाया। बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, आपको जमीन पर काम करने की भी जरूरत है।
मजबूत सहकारी क्षेत्र आत्मनिर्भरता का प्रतीक
सहकारिता विभाग के साथ-साथ गृह विभाग की भी जिम्मेदारी संभाल रहे शाह ने कहा कि विज्ञान के महत्व पर जोर देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के प्रसिद्ध नारे ‘जय जवान जय किसान’ को ‘जय विज्ञान’ की तरफ से शामिल किया था। उन्होंने कहा कि उनके मंत्रालय के तहत जैविक कृषि उत्पादों की पैकेजिंग और मार्केटिंग के लिए एक अलग इकाई भारत कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (आधिकारिक तौर पर नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक्स लिमिटेड) की स्थापना की गई है। केंन्द्रीय गृहमंत्री ने इस बात पर जोर देकर कहा कि एक मजबूत सहकारी क्षेत्र सही मायने में आत्मनिर्भरता को दर्शाता है। शाह ने कहा कि इस क्षेत्र में 1.18 लाख सदस्य हैं और सरकार ने जुलाई 2021 में स्थापित सहकारिता विभाग के तहत लंबित मुद्दों का समाधान किया है।
उपलब्धियों का किया बखान
अमित शाह ने कहा कि चीनी मिलों के 46,000 करोड़ रुपये के कर को कम कर दिया गया है। नए गोदाम स्थापित किए गए हैं, ऋण दिए गए हैं, ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देने के हिस्से के रूप में इथेनॉल मिश्रण के लिए भी कई आवश्यक कदम उठाए गए हैं। इथेनॉल, गन्ना प्रोसेसिंग का एक बायप्रोडक्ट है, जिसे पेट्रोल के साथ मिलाया जा सकता है। इससे जीवाश्म ईंधन की खपत में कटौती कर हानिकारक कार्बन उत्सर्जन को कम किया जा सकता है।
पवार पर की सवालों की बौछार
शाह ने पवार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब वह 10 वर्षों तक केंद्रीय कृषि मंत्री थे, सहकारी क्षेत्र उनके अधिकार क्षेत्र में था। आपने इस क्षेत्र के लिए क्या किया… क्या आपने टैक्स के मुद्दों को हल किया, टैक्स के संबंध में मॉडल बायलॉज बनाए? सहकारिता मंत्रालय को जुलाई 2021 में मोदी सरकार द्वारा एक अलग इकाई के रूप में बनाया गया था।

