नई दिल्ली: Arvind Kejriwal Hearing Delhi HC : साेमवार काे दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की CBI की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली और अंतरिम जमानत की याचिका पर दिल्ली हाईकाेर्ट में सुनवाई हुई। बहस पूरी हाेने के बाद जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। ऐसे में अभी केजरीवाल काे जमानत के लिए और इंतजार करना पड़ेगा। सीबीआई की ओर से विशेष वकील डीपी सिंह पैरवी की। वहीं, केजरीवाल की ओर से एन हरिहरन और अभिषेक मनु सिंघवी दलीलें दीं। इस दाैरान सीबीआई की ओर से कहा गया कि केजरीवाल ही दिल्ली शराब नीति केस के मुख्य सूत्रधार हैं। उनकी गिरफ्तारी के बिना मामले की जांच नहीं की जा सकती थी, हमनें महीने के भीतर हमने चार्जशीट दाखिल कर दी। जबकि केजरीवाल की अाेर से पैरवी कर रहे वकील सिंघवी ने कहा कि सीबीआई ने सूत्रधार शब्द का इस्तेमाल किया गया है। सीबीआई कविता लिख रही है। पहली बार आबकारी नीति 4-9-2020 को बनी थी। एक साल के लिए नौ एक्सपर्ट कमेटियां थीं। इनमें चार विभाग शामिल थे। एक साल बाद, जुलाई 2021 में पहली बार पॉलिसी पब्लिश हुई। कम से कम 50 नौकरशाह इसमें शामिल थे। LG भी इस पर साइन करते हैं। बस यही हुआ कि LG और केजरीवाल ने इस पर साइन किए। यह उनका अपना मामला है।
Arvind Kejriwal Hearing Delhi HC : 26 जून काे सीबीआई ने किया था अरेस्ट
मालूम हाे कि CBI ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को 26 जून को अरेस्ट किया था। कोर्ट ने केजरीवाल के अलावा मनीष सिसोदिया, BRS नेता के कविता समेत बाकी आरोपियों की न्यायिक हिरासत भी 31 जुलाई तक बढ़ाई है।
Arvind Kejriwal Hearing Delhi HC : 12 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने दी थी जमानत
शराब नीति मामले में ईडी द्वारा अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किए जाने के मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 12 जुलाई को अंतरिम जमानत दी थी। जस्टिस संजीव खन्ना ने जमानत देते हुए कहा था कि केजरीवाल 90 दिन से जेल में हैं। इसलिए उन्हें रिहा किए जाने का निर्देश देते हैं। हम जानते हैं कि वह चुने हुए नेता हैं और ये उन्हें तय करना है कि वे मुख्यमंत्री बने रहना चाहते हैं या नहीं। हालांकि सुप्रीम काेर्ट से जमान मिलने से पहले ही सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।

