भदोही : उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में पुलिस ने एक “आशा” कार्यकर्ता गीता देवी और उसके बेटे समेत कुल छह लोगों के खिलाफ एक गंभीर मामला दर्ज किया है। आरोप है कि गीता देवी ने अपनी बहू को तीसरी बेटी के जन्म के डर से गर्भपात कराने के लिए मजबूर किया। यह मामला बुधवार को सामने आया।
क्या था मामला?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सुरयावा थाना क्षेत्र के मतेथू हरीपट्टी निवासी आशा कार्यकत्री गीता देवी ने अपनी बहू को तीसरी बार गर्भवती होते देख, उसे गर्भपात के लिए दबाव डाला। महिला की पहले से दो बेटियां थीं और ससुरालवाले उसे बार-बार ताने मारते थे। जब महिला गर्भवती हुई, तो गीता देवी ने अपने बेटे के साथ मिलकर उसे गर्भपात की दवाइयाँ दीं, जिससे महिला का गर्भपात हो गया।
घरेलू उत्पीड़न और कानूनी कार्रवाई
इसके अलावा, पुलिस ने बताया कि जब महिला ने मायके से एक लाख रुपये नहीं भेजे, तो ससुरालवालों ने 21 मार्च 2024 को उसे और उसकी दो बेटियों को घर से निकाल दिया। इस घटना के बाद महिला ने दीवानी न्यायाधीश (महिला उत्पीड़न) की अदालत में 13 अप्रैल को याचिका दाखिल की थी। अदालत ने 17 दिसंबर को महिला के आरोपों के आधार पर पति, सास-ससुर सहित छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
कानूनी प्रक्रिया जारी
इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दायर कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपी सभी दोषियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।

