पॉलिटिकल डेस्क, पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उठाए गए कदम के एक दिन बाद ही विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी (Awadh Bihari Choudhary) के खिलाफ एनडीए ने अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस जारी किया है। विधानसभा अध्यक्ष को पद से हटाने के लिए भाजपा के नंदकिशोर यादव ने विधानसभा सचिव को अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है।

एनडीए के इन विधायकों ने की मांग
भाजपा नेता नंद किशोर यादव और तारकिशोर प्रसाद, HAM प्रमुख जीतन राम मांझी, जदयू के विनय कुमार चौधरी, रत्नेश सदा एनडीए गठबंधन के उन विधायकों में शामिल हैं, जिन्होंने चौधरी को हटाने की मांग करते हुए नोटिस दिया है।
Awadh Bihari Choudhary पर अब इस सभा का विश्वास नहीं
रविवार को बिहार में सत्ता बदली और एनडीए की ओर से नीतीश कुमार ने अपने 9 मंत्रियों के साथ शपथ ली. इसके बाद ही एनडीए ने अपना पहला एक्शन भी दिखा दिया। भाजपा की ओर से नंदकिशोर यादव द्वारा विधानसभा स्पीकर अवध बिहारी चौधरी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का जो नोटिस दिया गया है, उसमें जिक्र किया गया है कि विधानसभा के वर्तमान अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी पर अब इस सभा का विश्वास नहीं रह गया है।
नौवीं बार मुख्यमंत्री का शपथ
बता दें कि बिहार में रिकॉर्ड नौवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने दावा किया कि अब एनडीए छोड़कर कहीं और जाने का कोई सवाल ही नहीं है। बिहार की महागठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री के तौर पर इस्तीफा देने के बाद विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ में स्थिति ठीक नहीं होने का दावा करने वाले नीतीश को कुछ ही घंटों बाद एनडीए की नई सरकार के मुख्यमंत्री के रूप में राजभवन में राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर ने शपथ दिलाई थी।
फ्लोर टेस्ट में हो सकती थी परेशानी
भाजपा के सहयोग से एनडीए की सरकार बनते ही बिहार विधानसभा के अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी पर हटाने का दबाव बनाया जा रहा है। नई सरकार को अपना बहुमत साबित करना बाकी है। बीजेपी को आशंका है कि राजद का स्पीकर रहने से उन्हें फ्लोर टेस्ट में परेशानी हो सकती है। तेजस्वी यादव ने रविवार को ऐलान किया था कि अभी असली खेला होना बाकी है। उसके बाद सरकार में शामिल दल सचेत होते दिख रहे हैं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
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