
नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल के सिंगूर जमीन विवाद में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया गया है, जिसमें टाटा मोटर्स को एक बड़ी जीत मिली है। इस विवाद के परिणामस्वरूप, टाटा मोटर्स को 765.78 करोड़ रुपये वसूलने की अनुमति दी गई है। सिंगूर में स्थित टाटा मोटर्स का ‘नैनो’ प्लांट के लिए बहुत महत्वपूर्ण था।
इस प्लांट के माध्यम से टाटा मोटर्स ‘नैनो’ कार के उत्पादन की तैयारी में थी। लेकिन वामपंथी सरकार के कुछ निर्णयों के बाद टाटा मोटर्स को यहां से हटने के लिए मजबूर होना पड़ा।
गौरतलब है कि इस मामले में विपक्षी का काम ममता बनर्जी कर रही थी। इस मुद्दे ने ममता बनर्जी को सत्ता में आने में मदद की और उन्होंने सिंगूर की लगभग 1000 एकड़ जमीन को वापस देने का फैसला किया, जिनसे पहले अधिग्रहण किया गया था।
टाटा मोटर्स को बंद करनी पड़ी थी परियोजना
आपको बता दें कि सिंगूर के जमीन के विवाद ने टाटा मोटर्स के लिए काफी समस्याओं का सामना कराया। विवाद बढ़ने की वजह से कंपनी को अपना ड्रीम प्रोजेक्ट सिंगूर में बंद करना पड़ा था।
इसके बाद, टाटा ने गुजरात में अपने नैनो कार के निर्माण के लिए साणंद में एक प्लांट स्थापित किया। हालांकि नैनो कार के उत्पादन और बिक्री को अपेक्षा के अनुरूप सफलता नहीं मिली।
वापस ले ली गई थी अधिग्रहित जमीन
साल 2011 में टाटा मोटर्स ने ममता सरकार की ओर से उनके खिलाफ लागू किए गए कानून का सामना करना पड़ा था। कंपनी द्वारा अधिग्रहित जमीन छीन ली गई थी। 2012 में, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने कंपनी के अधिकारों को पुनः स्थापित किया। फिर भी, टाटा मोटर्स को जमीन का कब्जा वापस नहीं मिला।
इसके बाद, राज्य सरकार ने 2012 में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपील की दायर की। अगस्त 2016 में, सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा नैनो परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण को अवैध घोषित किया और जमीन को वापस करने के निर्देश दिए।
कई वर्षों से था फैसले का इंतजार
टाटा मोटर्स और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच जमीन अधिग्रहण और विकास प्रोजेक्ट के मामले में कई वर्षों तक फैसले का इंतजार था। इस विवाद के चलते टाटा मोटर्स ने जमीन की लीज के तहत होने वाले खर्च की मांग की, जिसके तहत यदि जमीन का अधिग्रहण अवैध माना जाता है, तो उन्हें क्षतिपूर्ति दी जाए।
अब बंगाल सरकार को चुकाने होंगे 765.78 करोड़ रुपये
इसके बाद टाटा मोटर्स और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच कई चरणों में न्यायिक लड़ाई चली, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का निर्णय दिया। सुप्रीम कोर्ट ने सिंगूर जमीन विवाद के मामले में टाटा मोटर्स के पक्ष में फैसला सुनाया और टाटा मोटर्स को यह अधिकार दिलाया कि वह पश्चिम बंगाल सरकार से लगभग 765.78 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान प्राप्त करें।

