रांची : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने एक बार फिर बिहार और झारखंड क्षेत्र में सबसे अधिक आयकर चुकाने वाले व्यक्ति के रूप में अपनी पहचान कायम रखी है। आयकर विभाग के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी धोनी व्यक्तिगत श्रेणी में सबसे बड़े टैक्सदाता रहे। हालांकि विभाग की ओर से उनके द्वारा जमा की गई टैक्स राशि का खुलासा नहीं किया गया है।
गुरुवार को रांची में आयोजित प्रेस वार्ता में बिहार-झारखंड के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त डॉ. डी. सुधाकर राव ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान दोनों राज्यों से कुल लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह हुआ। इसमें झारखंड का योगदान करीब 12 हजार करोड़ रुपये जबकि बिहार से लगभग 8 हजार करोड़ रुपये है। विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष में भी 20 हजार करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया है।
रिटर्न फाइल करने वालों में झारखंड की हिस्सेदारी बिहार से अधिक
आयकर विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बिहार और झारखंड में करीब 5.5 करोड़ पैन कार्ड धारक हैं, लेकिन इनमें से केवल 40 लाख लोग ही नियमित रूप से आयकर रिटर्न दाखिल करते हैं। रिटर्न फाइल करने वालों में झारखंड की हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत और बिहार की 40 प्रतिशत है।
रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या बढ़ाने के लिए आयकर विभाग जल्द ही विशेष जागरूकता अभियान शुरू करने जा रहा है। “प्रारंभ” नाम से चलाए जाने वाले इस अभियान के तहत लोगों को एक अप्रैल 2026 से लागू नए आयकर कानून की जानकारी दी जाएगी। इसकी शुरुआत 21 मई से पटना में होगी। इसके बाद रांची, जमशेदपुर, बोकारो, धनबाद, दुमका, हजारीबाग सहित कई शहरों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त ने बताया कि नया आयकर कानून करदाताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल ट्रांजेक्शन और एआईएस सिस्टम के माध्यम से वित्तीय गतिविधियों की जानकारी विभाग तक पहुंचती है। ऐसे में लोगों को अपने सभी लेनदेन की सही जानकारी आयकर रिटर्न में देनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी परेशानी न हो।

