देवघर : विश्व प्रसिद्ध द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शामिल बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में बसंत पंचमी के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बसंत पंचमी के दिन वीआईपी, वीवीआईपी और आउट ऑफ टर्न दर्शन की व्यवस्था पूरी तरह बंद रहेगी। यह निर्णय खास तौर पर आम श्रद्धालुओं को निर्बाध, सुगम जलाभिषेक एवं दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया गया है।
बसंत पंचमी पर बाबा बैद्यनाथ मंदिर में दर्शन व्यवस्था
जिला प्रशासन के अनुसार, बसंत पंचमी 23 जनवरी को बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर का पट प्रातः 3.05 बजे खोल दिया जाएगा। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक और दर्शन कर सकेंगे। प्रशासन का मानना है कि इस दिन श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक होती है, ऐसे में विशेष वर्ग को दी जाने वाली छूट से आम भक्तों को असुविधा हो सकती है।
VVIP दर्शन पर रोक का उद्देश्य
देवघर के उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने जानकारी दी कि वीआईपी और वीवीआईपी दर्शन पर रोक का निर्णय पूरी तरह जनहित में लिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं को लंबी कतारों और अव्यवस्था का सामना न करना पड़े। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर आउट ऑफ टर्न दर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
शीघ्र दर्शन की सुविधा यथावत
हालांकि, प्रशासन ने यह भी बताया कि बसंत पंचमी के अवसर पर पहले की तरह 600 रुपये शुल्क देकर ‘शीघ्र दर्शनम’ की सुविधा जारी रहेगी। इस व्यवस्था के तहत श्रद्धालु निर्धारित नियमों का पालन करते हुए कम समय में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन कर सकेंगे। प्रशासन का कहना है कि यह सुविधा पूरी पारदर्शिता और तय मानकों के अनुसार संचालित की जाएगी।
श्रद्धालुओं से प्रशासन की अपील
उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं का पालन करने से सभी भक्तों को सुचारू और सुरक्षित दर्शन का लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था के लिए अतिरिक्त बल की तैनाती की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
धार्मिक आस्था और प्रशासनिक संतुलन
बाबा बैद्यनाथ धाम देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है, जहां पर्व-त्योहारों पर लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। बसंत पंचमी के अवसर पर लिया गया यह निर्णय धार्मिक आस्था और प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि दर्शन प्रक्रिया निष्पक्ष, सुरक्षित और श्रद्धालु-केंद्रित बनी रहे।

