
रांची : झारखंड की राजधानी रांची में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या और डॉग बाइट की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए रांची नगर निगम बरियातू के बड़गाईं क्षेत्र में 50 केनल क्षमता वाला पशु जन्म नियंत्रण केंद्र (एबीसी सेंटर) बनाने की तैयारी कर रहा है। वार्ड संख्या चार में प्रस्तावित इस केंद्र के निर्माण के लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
यह केंद्र आवारा कुत्तों की संख्या को वैज्ञानिक तरीके से नियंत्रित करने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है। यहां कुत्तों की नसबंदी, उपचार और देखभाल की व्यवस्था होगी। नसबंदी और टीकाकरण के जरिए आवारा कुत्तों की आबादी नियंत्रित करने के साथ रेबीज और डॉग बाइट की समस्या से निपटने में भी मदद मिलेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने हाल में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पशु जन्म नियंत्रण व्यवस्था के लिए आवश्यक ढांचा विकसित करने तथा प्रत्येक जिले में कम से कम एक पूरी तरह कार्यरत एबीसी सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद आवारा कुत्तों के प्रबंधन और डॉग बाइट की रोकथाम के लिए मानक संचालन प्रक्रिया लागू करने पर जोर बढ़ा है।
इसी कड़ी में राज्य सरकार की ओर से भी संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को आवारा कुत्तों के प्रबंधन तथा पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए एसओपी के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। ऐसे में बड़गाईं में प्रस्तावित केंद्र को राजधानी में इस व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

