नई दिल्ली : दिल्ली के आईआईटी कैंपस के हॉस्टल में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां एक छात्र का शव उसके कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में पाया गया। मृतक छात्र की पहचान एक 21 वर्षीय द्वितीय वर्ष के बायोमैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र के रूप में हुई है। पुलिस को 4 जून 2025 को किशनगढ़ थाने में एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई, जिसमें सूचना दी गई कि आईआईटी दिल्ली के हॉस्टल के एक कमरे का दरवाजा छात्र द्वारा नहीं खोला जा रहा है। सूचना मिलते ही किशनगढ़ थाने के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) और पुलिस कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद पाया गया। फायर सर्विस कर्मियों की मदद से दरवाजा जबरन खोला गया।

कमरे में प्रवेश करने पर छात्र बिस्तर पर बेहोशी की हालत में पाया गया। आईआईटी के डॉक्टरों ने मौके पर ही उसे मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि मृतक ने परसों रात को खाना खाया था और फिर अपने कमरे में चला गया था। 3 जून 2025 को जब वह पूरे दिन किसी सहपाठी से संपर्क में नहीं आया और न ही दिखाई दिया, तो सहपाठियों को संदेह हुआ। इसके बाद सुरक्षा कर्मियों को सूचित किया गया, जिन्होंने पुलिस को इसकी जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, शव पर कोई बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए। हालांकि, कमरे में फर्श पर उल्टी के निशान मिले, जिससे प्रारंभिक तौर पर स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं की आशंका जताई जा रही है। क्राइम टीम और फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने साक्ष्य एकत्र किए और जांच शुरू की।
आवश्यक कानूनी और प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद, शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सफदरजंग अस्पताल के मुर्दाघर में स्थानांतरित कर दिया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मौत के सटीक कारण का पता लगाया जाएगा।
पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। इस घटना ने आईआईटी कैंपस में शोक की लहर दौड़ा दी है, और छात्रों के बीच इस दुखद हादसे को लेकर चर्चा चल रही है।
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