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Bokaro Pushpa Mahto Murder Case : बोकारो हत्याकांड में SP ने पूरे धाना के अफसरों-सिपाहियों को कर दिया सस्पेंड, हाईकोर्ट ने लगाई थी फटकार

by Rakesh Pandey
Bokaro Pushpa Mahto Murder Case
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बोकारो : झारखंड के बोकारो जिले में एक युवती की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने करीब 9 महीने बाद खुलासा कर दिया है। पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र में पुष्पा महतो की हत्या के मामले में पुलिस ने एक आरोपी दिनेश कुमार महतो को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि यह हत्या प्रेम संबंध और शादी के दबाव के चलते की गई थी। पुलिस की तकनीकी जांच और सटीक रणनीति के कारण इस मामले का पर्दाफाश संभव हो सका। हैरानी की बात है कि इस मामले का खुलासा डीएसपी के नेतृत्व वाली पुलिस टीम ने एक दिन में कर दिया, जबकि थाना की पुरानी टीम नौ महीने में भी कुछ पता नहीं कर सकी थी।


इस मामले में जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) हरविंदर सिंह ने पिंड्राजोरा थाना प्रभारी अभिषेक रंजन समेत थाने में तैनात सभी 28 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई जांच में लापरवाही, आरोपियों को लाभ पहुंचाने और निर्देशों के अनुपालन में गंभीर चूक सामने आने के बाद की गई है।

हत्या मामले में पुलिस की लापरवाही पर गिरी गाज

एसपी हरविंदर सिंह द्वारा की गई इस सख्त कार्रवाई में थाना प्रभारी के अलावा दस सब इंस्पेक्टर, पांच सहायक अवर निरीक्षक, दो हवलदार और 11 सिपाही शामिल हैं। समीक्षा के दौरान पाया गया कि मामले की जांच में न सिर्फ देरी हुई, बल्कि कई स्तरों पर गंभीर अनियमितताएं भी सामने आईं। इससे अभियोजन पक्ष कमजोर हुआ और आरोपित को फायदा पहुंचाने की आशंका बनी।

रिश्वत और मिलीभगत के आरोप भी आए सामने

एसपी के अनुसार जांच में यह भी सामने आया कि थाना स्तर पर गोपनीयता नहीं रखी गई और आरोपित को बचाने के लिए रुपये के लेनदेन की शिकायत भी मिली। यहां तक कि आरोपित के साथ थाने में पार्टी किए जाने की सूचना भी जांच में सामने आई है। इन गंभीर आरोपों ने पूरे थाना स्टाफ की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए।

हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद तेज हुई कार्रवाई

मृतका के परिजनों ने न्याय की मांग को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। अदालत द्वारा पुलिस की कार्यप्रणाली पर सख्त टिप्पणी के बाद मामले में तेजी आई और सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की गई।

ऐसे हुई शुरुआत

यह मामला 24 जुलाई 2025 को सामने आया, जब खूंटाडीह निवासी रेखा देवी ने अपनी बेटी पुष्पा महतो के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। शुरुआती जांच के बाद 4 अगस्त को अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू पर जांच शुरू की।

कॉल डिटेल से खुला राज

पुलिस ने जब कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की, तो मामला धीरे-धीरे स्पष्ट होने लगा। जांच में पता चला कि मृतका का गांव के ही युवक दिनेश कुमार महतो से पिछले तीन वर्षों से संपर्क था। पुलिस ने संदेह के आधार पर आरोपी से पूछताछ की, जिसमें उसने चौंकाने वाला खुलासा किया।

शादी के दबाव में रची हत्या की साजिश

पूछताछ के दौरान आरोपी दिनेश कुमार महतो ने स्वीकार किया कि युवती उस पर शादी के लिए दबाव बना रही थी। इसी वजह से उसने हत्या की योजना बनाई। 21 जुलाई 2025 को जब पुष्पा चास कॉलेज में नामांकन के लिए गई थी, आरोपी पहले से वहां मौजूद था।

इस इलाके में चाकू से हमला कर की हत्या

आरोपी ने बातचीत के बहाने युवती को कॉलेज के पीछे स्थित सुनसान झाड़ियों में ले गया, जहां उसने चाकू से कई वार कर उसकी हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद उसने शव को छिपा दिया और फरार हो गया।

एसआईटी गठन के बाद तेज हुई जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नगर डीएसपी आलोक रंजन के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

बरामदगी से मजबूत हुए सबूत

आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने घटनास्थल से मृतका के कपड़े, बाल, हड्डियों के अवशेष और हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद किया। इसके अलावा आरोपी के पास से चार मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जो जांच में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

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