Bokaro (Jharkhand) : झारखंड के बोकारो जिले के बारीडीह जंगल में हुए सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने महज 72 घंटों में पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि एक महिला ने अपने पति की रहस्यमय मौत का बदला लेने के लिए तीन लाख रुपये की सुपारी देकर एक युवक की हत्या करवाई। पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से हत्या में इस्तेमाल हथियार, कारतूस, मोबाइल फोन और एक स्कूटी बरामद की है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस खौफनाक साजिश को पिछले छह महीनों से रचा जा रहा था। यह मामला अपराध, अंधविश्वास और बदले की एक जटिल कहानी को उजागर करता है।
बारीडीह जंगल में मिला था युवक का शव
गौरतलब है कि 14-15 मई की रात को बोकारो जिला के नावाडीह थाना क्षेत्र के अंतर्गत बारीडीह जंगल में एक व्यक्ति की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। मृतक की पहचान हेमलाल पंडित के रूप में हुई थी। इस गंभीर मामले की सूचना मिलते ही बोकारो के पुलिस अधीक्षक ने तत्काल एक विशेष जांच टीम का गठन किया और स्वयं इस जांच की निगरानी की।
तकनीकी साक्ष्य और गवाहों के बयान से खुला राज
पुलिस की एसआईटी टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) रिपोर्ट और महत्वपूर्ण गवाहों के बयानों के आधार पर गहन जांच की। इस अथक प्रयास के परिणामस्वरूप, पुलिस ने वारदात के महज 72 घंटे के भीतर इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझा लिया और चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
जांच में जो चौंकाने वाला खुलासा हुआ, वह यह था कि मुख्य आरोपी चंपा देवी को शक था कि उसके पति खगेश्वर पंडित की मौत में हेमलाल पंडित का हाथ था। इसी संदेह और बदले की आग में जल रही चंपा देवी ने अपने एक मित्र, प्रकाश सिंह के माध्यम से धनबाद के पेशेवर शूटरों से संपर्क साधा और हेमलाल पंडित की हत्या की साजिश रची।
सुपारी देकर करवाई हत्या
चंपा देवी और प्रकाश सिंह ने मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए शूटरों को करीब 2.35 लाख रुपये की सुपारी दी थी। साजिश के तहत, पहले 13 मई को हेमलाल पंडित की हत्या करने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह प्रयास विफल रहा। हालांकि, आरोपियों ने हार नहीं मानी और अपनी योजना को जारी रखा। बाद में, डोमन राम नामक एक आरोपी ने ‘ग्राहक’ बनकर हेमलाल को बारीडीह जंगल में बुलाया, जहां उसे गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया।
इस सनसनीखेज मामले में गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों की पहचान चंपा देवी (निवासी हजारीबाग), प्रकाश सिंह (निवासी गिरिडीह), डोमन राम (निवासी धनबाद) और विकास कुमार (निवासी धनबाद) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से हत्या में इस्तेमाल की गई एक पिस्टल, एक कट्टा, जिंदा कारतूस, कई मोबाइल फोन और एक स्कूटी भी जब्त की है। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। यह घटना अंधविश्वास और बदले की भावना में अंधे होकर अपराध करने की एक भयावह तस्वीर पेश करती है।

