Home » Carnivorus Plant In Dalma : दलमा में मिले मांसाहारी पौधे, जानें कैसे करते हैं अपना शिकार

Carnivorus Plant In Dalma : दलमा में मिले मांसाहारी पौधे, जानें कैसे करते हैं अपना शिकार

फॉरेस्ट गार्ड के अध्ययन में चला इनका पता, इन्हें संरक्षित करने के लिए वन विभाग तैयार कर रहा वर्क प्लान

by Mujtaba Haider Rizvi
दलमा मांसाहारी पौधे
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Jamshedpur : सरायकेला-खरसावां जिले के दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी (Dalma Wildlife Sanctuary) में मांसाहारी पौधों की दुर्लभ खोज हुई है। बताया जा रहा है कि दलमा के पटमदा क्षेत्र में ड्रोसेरा बर्मानी नामक पौधा पाया गया है। इसे सनड्यू भी कहते हैं। यह पौधा अपनी पत्ती पर मौजूद चिपचिपी बूंद के जरिए छोटे कीटों को फंसाता है और उनसे पोषण प्राप्त करता है।

इसके अलावा, कोंकादाशा क्षेत्र में यूटीकुलेरिया प्रजाति के पौधे मिले हैं। यह पौधा भी सूक्ष्म जीवों और कीटों को अपने अंदर मौजूद ब्लैडर जैसी संरचना में कैद कर उनका शिकार करता है। इन मांसाहारी पौधों की खोज में दलमा जंगल में समृद्ध जैव विविधता को लेकर एक बार फिर चर्चा छेड़ दी है। इलाके में मांसाहारी पौधों की मौजूदगी वन विभाग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इससे यह पता चलता है कि दलमा का इको सिस्टम काफी मजबूत है। इन मांसाहारी पौधों की खोज वन विभाग से जुड़े फॉरेस्ट गार्ड और शोधार्थी राजा घोष ने की है।

मिट्टी में नाइट्रोजन की कमी से उगते हैं मांसाहारी पौधे

विशेषज्ञों का मानना है कि मांसाहारी पौधे आमतौर पर वहां उगते हैं जहां मिट्टी में नाइट्रोजन और अन्य पोषक तत्वों की कमी होती है। अपनी पोषण संबंधी जरूरत को पूरा करने के लिए यह पौधे कीट और सूक्ष्म जीवों पर निर्भर करते हैं। इन पौधों की दलमा में मौजूदगी इशारा करती है कि यहां का पारिस्थितिकी तंत्र काफी मजबूत है और इलाके में मानवीय हस्तक्षेप अधिक नहीं है। बताया जा रहा है कि राजा घोष ने अपनी शोध रिपोर्ट वन विभाग के आला अधिकारियों को सौंप दी है।

मांसाहारी पौधों के स्थान को चिन्हित करने में जुटा वन विभाग

वन विभाग ने उन इलाकों को चिन्हित करना शुरू कर दिया है, जहां यह दुर्लभ मांसाहारी पौधे पाए गए हैं। वन विभाग की योजना है कि उन इलाके की घेराबंदी कर उन्हें मानवीय गतिविधियों से दूर रखा जाए। ताकि, इन पौधों का प्राकृतिक आवास सुरक्षित रहे और इन पौधों का संरक्षण भी हो। इसके लिए, वन विभाग एक विशेष वर्क प्लान तैयार कर रहा है। वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि ऐसे मांसाहारी पौधे वायुमंडल में कीटों की आबादी को नियंत्रित कर पर्यावरण लिए संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका अदा करते हैं।

दलमा का बढ़ा पारिस्थितिकी महत्व

मांसाहारी पौधों की मौजूदगी से दलमा इलाके का पारिस्थितिकी महत्व बढ़ गया है। माना जा रहा है कि यह दुर्लभ मांसाहारी पौधे दलमा में वन्य जीव प्रेमियों के साथ ही वनस्पति प्रेमियों को भी आकर्षित करेंगे। दलमा पर्यटकों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बन जाएगा।

Read also Ranchi News: रांची में राहुल दुबे गैंग के नाम से एक बिल्डर से मांगी गई 5 करोड़ की रंगदारी, FIR दर्ज

Related Articles