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Chaibasa News : चाईबासा ब्लड बैंक फिर विवादों में, प्रसव के दौरान संक्रमित रक्त चढ़ाने का लगा आरोप

Chaibasa News : एक ही परिवार के तीन लोग मिले एचआईवी पॉजिटिव

by Mujtaba Haider Rizvi
Chaibasa blood bank controversy over infected blood transfusion
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Chaibasa : पश्चिमी सिंहभूम के जिला मुख्यालय चाईबासा स्थित सदर अस्पताल का ब्लड बैंक एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। यहां एक ही परिवार के तीन लोग एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। परिवार का आरोप है कि जनवरी 2023 में महिला की सिजिरियन डिलीवरी के दौरान रक्त की आवश्यकता पड़ी थी। इसके बाद ब्लड बैंक से प्राप्त ब्लड, ट्रांसफ्यूजन के कारण महिला, उसके पति और बच्चा एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं।

यह मामला प्रकाश में तब आया, जब महिला ने 2 जनवरी में दूसरे बच्चे को जन्म देने चाईबासा सदर अस्पताल पहुंची। इसके बाद उसका एचआईवी टेस्ट हुआ, तो रिपोर्ट पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद उसके पति की भी जांच हुई, तो वह भी एचआईवी पॉजिटिव मिला। इस बीच मामला का खुलासा होने के बाद तूल पकड़ने लगा है।

बता दें कि चाईबासा ब्लड बैंक में यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले अक्टूबर 2025 में भी इसी ब्लड बैंक से रक्त लेने वाले पांच थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों में एचआईवी संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इस मामले में तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ. सुशांत कुमार माझी और ब्लड बैंक प्रभारी चिकित्सक डॉ. दिनेश को निलंबित कर दिया गया था। यही नहीं चाईबासा ब्लड बैंक का लाइसेंस 2008 से नवीनीकृत नहीं हुआ है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है। स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और कहा है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बच्चा बीमार पड़ने पर हुई जांच

पीड़ित महिला ने बताया कि उसने जनवरी 2023 में पहला बच्चा जन्म दिया था। इस दौरान उसे चाईबासा सदर अस्पताल के ब्लड बैंक से रक्त चढ़ाया गया था। महिला जून 2025 में दूसरी बार गर्भवती हुई, रूटीन जांच में उसे एचआईवी पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद पति की भी जांच कराई गई। वे भी पॉजिटिव पाए गए। 2 जनवरी 2026 को उसका दूसरा बच्चा जन्मा। बाद में पहला बच्चा बीमार हुआ और चाईबासा अस्पताल में जांच कराई गई, तो वह भी एचआईवी पॉजिटिव पाया गया।

सभी तथ्यों की समीक्षा के बाद लिया जाएगा निर्णय : सीएस

पश्चिमी सिंहभूम जिले की सिविल सर्जन डॉ. भारती मिंज ने कहा कि पीड़ित परिवार को अस्पताल बुलाया गया है। सभी तथ्यों की समीक्षा और जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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