चाईबासा : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का शहादत दिवस शुक्रवार को चाईबासा में कांग्रेस भवन में मनाया गया। इस मौके पर उनके चित्र के समक्ष दो मिनट का मौन रखकर प्रार्थना सभा आयोजित की गई। यहां महात्मा गांधी के विचारों पर संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया। कांग्रेसियों ने महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई ने कहा कि महात्मा गांधी अभी नहीं हैं, लेकिन उनके विचार ऐसे हैं, जो अभी भी अमर हैं। महात्मा गांधी एक राजनीतिज्ञ थे, जिन्होंने देश में स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी। इनके संघर्ष का औजार सत्य और अहिंसा था। उन्होंने कहा कि सत्य को इन्होंने भगवान माना और अहिंसा इनका अस्त्र था। उन्होंने कहा कि हमें गांधी का अनुयायी बनना है।
कांग्रेस के जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने कहा कि पहले बापू बने, फिर महात्मा बने और फिर राष्ट्रपिता बने। उनका असहयोग आंदोलन अंग्रेजों के खिलाफ अत्याचार का सबसे बड़ा आंदोलन बना था। नमक सत्याग्रह, दांडी मार्च और भारत छोड़ो आंदोलन ने अंग्रेजों को बाहर का रास्ता दिखा दिया।
इस मौके पर कांग्रेस जिला सचिव जानवी कुदादा, ओबीसी प्रकोष्ठ अध्यक्ष रंजीत यादव, पूर्व जिला कोषाध्यक्ष राधा मोहन बनर्जी, नगर महासचिव बिट्टू सिंह, वरीय कांग्रेसी संतोष सिन्हा, विजय सिंह तुबिद, प्रताप पुरती, कार्यालय सचिव सुशील दास आदि उपस्थित थे ।
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