चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चिरिया माइंस के 245 ठेका मजदूर बीते चार माह से बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। वे चिरिया सेल कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठे हैं। लेकिन सेल प्रबंधन मूक दर्शक बना हुआ है। मजदूरों का कहना है कि वे वर्षों से चिरिया माइंस में ठेका मजदूर के रूप में काम कर रहे थे। लेकिन, अब उन्हें काम नहीं दिया जा रहा है। मजदूरों ने बताया कि पहले मनोहरपुर साइडिंग के पास का जर्जर पुल का हवाला देकर उन्हें काम पर नहीं लिया गया। लेकिन अब पुल बन जाने के बाद धोबिल माइंस से मनोहरपुर तक की सड़क जर्जर का हवाला देकर उन्हें काम से वंचित किया जा रहा है।
इससे मजदूरों के परिवारों के समक्ष भूखों मरने की नौबत आ गई है। कई मजदूरों के बच्चों की पढ़ाई तक छूट गई है। मजदूरों ने आरोप लगाया है कि सेल और माइंस ठेकेदार उन्हें काम नहीं देना चाहते हैं। उन्हें भविष्य में काम से पूरी तरह से वंचित करने की कोशिश की जा रही है। सेल के चिरिया स्थित जीएम रवि रंजन से संपर्क करने का प्रयास किया गया। लेकिन उन्होंने किसी भी तरह की बात नहीं करने के लिए अधिकृत नहीं होने की बात कहकर सेल का पक्ष देने से पल्ला झाड़ लिया है।
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