Chaibasa (Jharkhand) : पश्चिमी सिंहभूम जिले में केंद्र की भाजपा सरकार की पहल पर चलाए जा रहे बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, नशा मुक्ति, बाल-विवाह और दहेज उत्पीड़न जैसे जागरूकता अभियानों के तहत मकानों पर स्लोगन लिखी नंबर प्लेट लगाने का काम विवादों में घिर गया है। आरोप है कि इसके एवज में गरीब जनता से प्रति मकान 50 रुपये की वसूली की जा रही है। इस मामले पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की पश्चिमी सिंहभूम जिला समिति ने कड़ी आपत्ति जताई है और उपायुक्त के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है।
झामुमो नेताओं ने सांसद जोबा माझी को दी जानकारी, मिला आश्वासन
झामुमो के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चाईबासा परिसदन में सिंहभूम की सांसद जोबा माझी से मुलाकात कर उन्हें इस कथित वसूली की जानकारी दी। सांसद जोबा माझी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए झामुमो जिला समिति के पदाधिकारियों को आश्वासन दिया है कि वह जल्द ही उपायुक्त से इस विषय पर बात करेंगी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सांसद और उपायुक्त के समक्ष आपत्ति दर्ज कराने वाले झामुमो नेताओं में जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम, उपाध्यक्ष अकबर खान, सचिव राहुल आदित्य, सह सचिव विश्वनाथ बाड़ा, बंधना उरांव और जिला प्रवक्ता बुधराम लागुरी शामिल थे।
बिना प्रचार-प्रसार के वसूली, जनता में संशय
झामुमो जिला प्रवक्ता बुधराम लागुरी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिले में मकानों पर स्लोगन प्लेट लगाने के नाम पर एक बाहरी एजेंसी द्वारा आम जनता से प्रति मकान 50 रुपये लिए जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इस संबंध में किसी भी प्रकार का कोई प्रचार-प्रसार नहीं किया गया है, जिसके कारण आम जनता में संशय और भ्रम की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि यह वसूली निश्चित रूप से जांच का विषय है और झामुमो इसे गंभीरता से उठाएगा।

