चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला के चाईबासा अंचल क्षेत्र अंतर्गत कुन्दुबेड़ा गांव में बनने वाले सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के विरोध में बुधवार को सदर प्रखंड कार्यालय में पारंपरिक हथियारों से लैस ग्रामीणों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले दिनों भी ग्राम सभा में इस प्लांट के लिए भूमि हस्तांतरण का विरोध किया गया था।
ग्रामीणों का आरोप- मांगपत्र पर नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम सभा ने जिला प्रशासन के समक्ष मांग पत्र सौंपकर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाए जाने का विरोध किया था। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी बात से नाराज कुन्दुबेड़ा मौजा के ग्रामीण पैदल ही प्रखंड कार्यालय पहुंचे और अपना विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों के साथ ग्रामीण मुंडा भी थे।
भूमि मापी रोकने की मांग पर अड़े ग्रामीण
ग्रामीण इस मांग पर अड़े हैं कि 14 मार्च को प्रस्तावित भूमि मापी की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोका जाए। साथ ही यह योजना को कुन्दुबेड़ा गांव से रद्द किया जाए। धरना-प्रदर्शन ग्रामीण मुंडा लुकना पूर्ति के नेतृत्व में किया गया।
3 एकड़ में बनना है वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट
प्रस्तावित योजना के अनुसार कुन्दुबेड़ा गांव में 3 एकड़ में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का निर्माण किया जाना है। चाईबासा अंचलान्तर्गत कुन्दुबेड़ा गांव थाना सं०-585 खाता संख्या-01, प्लॉट संख्या-1555/ अंश में कुल 3.00 एकड़ में कचरा प्लांट बनाने का प्रस्ताव है। जिला प्रशासन की ओर से प्रस्तावित योजना ग्राम सभा में लाकर पास करने का अनुरोध किया गया था। जिस पर ग्राम सभा ने आपत्ति दर्ज करते हुए लिखित रूप से विरोध किया था।
जिला प्रशासन ने योजना के लिए दी सहमति
लोगों का कहना है कि ग्राम सभा के विरोध के बाद जिला प्रशासन ने इस योजना को सहमति देते हुए 3 एकड़ जमीन को अन्तर्विभागीय निःशुल्क भू-हस्तांतरण कर दिया है। जिसके आलोक में सदर अंचल अधिकारी द्वारा 14 मार्च को मापी एवं दखल दिहानी की तिथि निर्धारित की गई है।
तीन-धनुष, भाला आदि लेकर पहुंचे थे ग्रामीण
सदर प्रखंड कार्यालय में प्रदर्शन करने पैदल पहुंचे सैकड़ो ग्रामीण हाथों में तीर धनुष फालसा, टांगी, भाला आदि हथियारों से लेस होकर बुधवार को हजारों की संख्या में कुन्दुबेड़ा मौजा के ग्रामीण एवं आसपास के विभिन्न गांव के ग्रामीण मुंडा एवं ग्रामीण सदर प्रखंड कार्यालय पैदल पहुंचे थे। ग्रामीणों ने कहा कि इस संबंध में गांव में दो बार ग्राम सभा आयोजित की गई। सर्वसम्मति से ग्राम की भूमि नहीं देने का निर्णय लिया गया था। ग्राम सभा की अनुमति के बिना भूमि का हस्तांतरण कर दिया गया। जो नियमों एवं आदिवासी हितों की रक्षा के लिए बने कानूनों के विरुद्ध है।
पुलिस छावनी में तब्दील हुआ प्रखंड कार्याल
आगामी 14 मार्च को भूमि मापी के लिए गांव के मुंडा के पास प्रशासन की ओर से पत्र भेजा गया है। इस कारण भी पूरे गांव में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए सदर प्रखंड कार्यालय में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। इस दौरान ग्रामीणों ने फिर से एक मांग पत्र सौंपा है। इस पर प्रशासन द्वारा आश्वासन दिया गया कि ग्रामीणों की मांग को डीसी के पास रखा जाएगा।
धरना-प्रदर्शन में ये रहे शामिल
धरना प्रदर्शन मुख्य रूप से कुन्दुबेड़ा ग्रामीण मुंडा लुकना पूर्ति, कमरहतु मुंडा बिरसा देवगम, नीमडीह मुंडा कृष्णा बारी, गुमडा पीढ़ मानकी ललित सवैया, मुंडूएदल मुंडा विजय सिंह पूर्ति, आदिवासी हो समाज युवा महासभा के केंद्रीय महासचिव गब्बर सिंह हेंब्रम, सुनील पूर्ति, जगमोहन सवैया, पवन सवैया, मिरन पूर्ति ,सालीहातु के ग्रामीण मुंडा मानकी कालुंडिया, सिन्धु सिंह पूर्ति सहित कई लोगों ने संबोधित किया।
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