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Chatra Sadar Hospital News : संस्थागत प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत, जानें फिर क्या हुआ

Jharkhand Hindi News : परिवार के सदस्यों ने चिकित्सकीय लापरवाही की जांच की मांग की है। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई

by Rakesh Pandey
Chatra Sadar Hospital News
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चतरा : झारखंड के चतरा स्थित सदर अस्पताल में शुक्रवार को संस्थागत प्रसव के दौरान एक 22 वर्षीया प्रसूता और उसके नवजात शिशु की मौत का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उधर घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।

मृतका की पहचान

मृतका की पहचान आसमीन प्रवीण के रूप में हुई है। उसकी शादी मो. मोकिम से हुई थी। वह राजपुर थाना क्षेत्र के चारू गांव की रहने वाली थी। परिजनों ने आरोप लगाया कि प्रसव पीड़ा शुरू होने पर शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे उसे सदर अस्पताल चतरा में भर्ती कराया गया था।

क्या है परिजनों का आरोप

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती करने के बाद ड्यूटी पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों ने प्रसूता को एक इंजेक्शन दिया। इंजेक्शन लगाने के तुरंत बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजनों का दावा है कि कुछ ही देर में स्थिति गंभीर हो गई और बाद में चिकित्सकों ने जच्चा-बच्चा दोनों को मृत घोषित कर दिया।

परिवार के सदस्यों ने इंजेक्शन को ही मौत का कारण बताते हुए चिकित्सकीय लापरवाही की जांच की मांग की है। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।

ड्यूटी पर तैनात एएनएम के फरार होने की चर्चा

घटना के बाद ड्यूटी पर तैनात एएनएम के अस्पताल से अनुपस्थित होने की चर्चा ने विवाद को और बढ़ा दिया। परिजनों का कहना है कि संबंधित स्वास्थ्यकर्मी के अस्पताल में मौजूद नहीं होने से संदेह और गहरा गया है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

अस्पताल प्रबंधन का जानें क्या कहना है

अस्पताल प्रबंधन ने लापरवाही के आरोपों से इनकार किया है। प्रबंधन के अनुसार प्रसूता की स्थिति पहले से ही जटिल थी और चिकित्सकीय मानकों के अनुरूप उपचार किया गया। ड्यूटी पर चिकित्सक के रूप में डॉ. सपना अग्रवाल तैनात थीं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत की गई।

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