RANCHI: कैथोलिक मसीही समुदाय ने रविवार को पारंपरिक तरीके से ख्रीस्त राजा का जुलूस निकाला। संत मारिया गिरजाघर से शुरू हुआ यह विशाल जुलूस पूरे शहर में आध्यात्मिक और शांतिपूर्ण माहौल का संदेश देता हुआ आगे बढ़ा। हजारों श्रद्धालु हाथों में मोमबत्ती, क्रॉस और झंडा लेकर चलते दिखे। लगभग 100 साल पहले इस परंपरा की शुरूआत हुई थी। तब से यह पर्व दुनियाभर में कैथोलिक समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन मसीही विश्वासी यीशु मसीह को ‘राजाओं के राजा’ के रूप में याद करते हैं। उनके प्रेम, क्षमा और शांति के संदेश को समाज तक पहुंचाने का संकल्प लेते हैं।
आकर्षक झांकियों ने खींचा लोगों का ध्यान
मसीही समुदाय की ओर से निकाले गए जुलूस में कई आकर्षक झांकियों ने लोगों का ध्यान खींचा। इनमें यीशु मसीह के जन्म, सेवाकार्य, कष्ट, क्रूस पर बलिदान और पुनरुत्थान जैसे प्रमुख प्रसंगों को दिखाया गया था। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी झांकियों के साथ श्रद्धा के साथ चलते रहे। वहीं सड़कों के किनारे खड़े मसीही समुदाय के लोगों ने भी हाथ जोड़कर प्रभु के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।
शांति व सद्भाव के लिए सामूहिक प्रार्थना
पूरे मार्ग में भजन, स्तुति गीत और चर्च क्वायर की मधुर धुन गूंजती रहीं। वायलिन, ढोल और डफली ने वातावरण को और पवित्र बना दिया। जुलूस के दौरान शहर, राज्य और देश में शांति व सद्भाव के लिए सामूहिक प्रार्थना भी की गईं। भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा, चिकित्सा सहायता और पानी वितरण के लिए स्वयंसेवकों के अलावा पुलिस की टीम सक्रिय रही। जुलूस की निगरानी के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए थे। भारी संख्या में जवानों को तैनात किया गया था।

