रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Chief Minister Hemant Soren ) ने बुधवार को झारखंड आंदोलन के एक महत्वपूर्ण नेता और अपने बड़े भाई, दिवंगत दुर्गा सोरेन को उनकी जयंती पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री के साथ उनकी विधायक पत्नी कल्पना सोरेन भी मौजूद थीं। दोनों ने रांची के नामकुम स्थित दुर्गा सोरेन स्मारक पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उन्हें नमन किया। यह श्रद्धांजलि समारोह हर साल आयोजित होता है, जो दुर्गा सोरेन के योगदान को याद करने का एक अवसर है।
दुर्गा सोरेन: झारखंड आंदोलन के मजबूत स्तंभ
श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पत्रकारों से बातचीत में दुर्गा सोरेन के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक दुर्गा सोरेन अलग झारखंड राज्य आंदोलन के एक मजबूत स्तंभ थे। उनकी भूमिका और योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि दुर्गा सोरेन ने झारखंड राज्य के निर्माण के लिए अथक प्रयास किए थे। उनके प्रयासों और बलिदान ने राज्य के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी मृत्यु 2009 में हुई थी, लेकिन उनका नाम आज भी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और राज्य के लोगों के बीच सम्मान के साथ लिया जाता है।
Chief Minister Hemant Soren : परिवार और पार्टी के लिए उनका महत्व
दुर्गा सोरेन का जन्म 10 सितंबर 1970 को हुआ था। वे झामुमो के संस्थापक शिबू सोरेन के सबसे बड़े बेटे थे। उन्होंने अपने पिता के साथ मिलकर झारखंड की राजनीतिक लड़ाई में सक्रिय रूप से भाग लिया। वे जामताड़ा से विधायक भी चुने गए थे और एक युवा नेता के रूप में उनकी पहचान थी। उनकी असामयिक मृत्यु के बाद, उनके भाई हेमंत सोरेन ने उनके राजनीतिक उत्तराधिकारी के रूप में कार्यभार संभाला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी वे और उनके परिवार के सदस्य, पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक एक साथ आकर दुर्गा सोरेन को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। यह बताता है कि परिवार और पार्टी के लिए उनकी विरासत कितनी महत्वपूर्ण है। यह सिर्फ एक श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि झारखंड के इतिहास और संघर्ष को याद करने का भी एक तरीका है।

