चाईबासा : अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गई रसोइयों के बीच उस समय नाराजगी बढ़ गई जब कुछ शिक्षकों द्वारा उन्हें काम पर लौटने के लिए दबाव बनाया गया। इस मुद्दे को लेकर रसोइयों ने शनिवार को बीआरसी भवन चक्रधरपुर में एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया। रसोइयों ने झारखंड प्रदेश विद्यालय संयोजिका, रसोइया अध्यक्ष संघ के बैनर तले विरोध जताते हुए कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। ऐसे में किसी भी शिक्षक या अधिकारी को उन पर काम पर लौटने का दबाव बनाने का अधिकार नहीं है।
संघ से जुड़ी रसोइयों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा फोन कर या व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर काम शुरु करने को कहा जा रहा है, जिससे रसोइयों में असंतोष बढ़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान रसोइयों ने प्रशासन से हस्तक्षेप कर स्थिति स्पष्ट करने और हड़ताल के दौरान किसी प्रकार का दबाव न बनाने का निर्देश जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि वे सम्मानजनक मानदेय और सेवा शर्तों में सुधार जैसी मांगों को लेकर आंदोलन कर रही हैं।बीआरसी भवन में हुए इस विरोध कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रसोइयां उपस्थित रहीं और एकजुटता का प्रदर्शन किया।
संघ के जिलाध्यक्ष जानकी पिंगुआ ने चेतावनी दी कि यदि दबाव की स्थिति जारी रही तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। हम सरकार के आदेश का पालन करेंगे। किसी तरह के निजी दबाव में नहीं आएंगे। वहीं जिला सचिव सपना महतो ने कहा कि हम भी सरकार के अंग हैं। किसी शिक्षक के घर में काम नहीं करते। इसमें शिक्षक निजी तौर पर दबाव देकर हटाने की धमकी नहीं दे सकते। सरकार का जो निर्देश होगा, हम पालन करेंगे। यदि संघ के विरुद्ध शिक्षक काम करेंगे तो उनके ऊपर हम मामला दर्ज करेंगे।
बता दें कि रसोईया अपनी मांगों के समर्थन में पिछले 18 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।
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