जमशेदपुर : कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) यूजी-2026 के लिए इस बार परीक्षा पैटर्न में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन विषय चयन को लेकर छात्रों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। एनटीए के अनुसार, उम्मीदवारों को कुल 37 विषयों में से केवल पांच विषय ही चुनने होंगे, जिनके आधार पर आगे विश्वविद्यालयों में प्रवेश तय होगा। इन विकल्पों में 23 डोमेन सब्जेक्ट, 13 भाषाएं और एक जनरल एप्टीट्यूड टेस्ट शामिल है।
पिछले वर्षों में विषय चयन की संख्या में लगातार बदलाव किया गया है। वर्ष 2022 में जहां नौ विषय चुनने का विकल्प था, वहीं 2023 में यह संख्या 10 रही। 2024 में इसे घटाकर छह किया गया और 2025 से इसे पांच विषयों तक सीमित कर दिया गया, जो व्यवस्था 2026 में भी लागू रहेगी। सीयूईटी यूजी-2026 की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया इस बार समय से पहले शुरू कर दी गई है। छात्र 30 जनवरी 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जबकि फीस भुगतान की अंतिम तिथि 31 जनवरी को रात 11.50 बजे तय की गई है। करेक्शन विंडो 2 से 4 फरवरी तक खुली रहेगी। परीक्षा का आयोजन 11 मई से 31 मई के बीच किया जाएगा।
एनटीए अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सीयूईटी यूजी-2026 का स्कोर केवल 2026-27 शैक्षणिक सत्र में एडमिशन के लिए ही मान्य होगा। विशेषज्ञों के अनुसार छात्र 12वीं में न पढ़े गए विषय भी चुन सकते हैं, लेकिन संबंधित विश्वविद्यालय और कोर्स की पात्रता शर्तें जांचना जरूरी है, क्योंकि कई विश्वविद्यालय डोमेन सब्जेक्ट को लेकर सख्त नियम लागू करते हैं। गलत विषय चयन से एडमिशन प्रक्रिया में परेशानी हो सकती है।
200 से अधिक विश्वविद्यालयों में मिलेगा दाखिला
सीयूईटी यूजी 2026 के स्कोर के आधार पर केंद्रीय, राज्य, डीम्ड और निजी सभी प्रकार के विश्वविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिला दिया जाएगा। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के अनुसार इस परीक्षा में 200 से अधिक विश्वविद्यालयों के भाग लेने की संभावना है। इससे छात्रों को एक ही परीक्षा के माध्यम से देशभर के विभिन्न संस्थानों में प्रवेश का अवसर मिलेगा। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी सीयूईटी यूजी 2026 के लिए 13 लाख से अधिक छात्रों के आवेदन करने की संभावना जताई जा रही है, जिससे परीक्षा की प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी रहने की उम्मीद है।
परीक्षार्थियों को 60 मिनट में हल करने होंगे 50 प्रश्न
परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) मोड में आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा मल्टी-शिफ्ट में कराई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक अभ्यर्थी इसमें शामिल हो सकें। प्रत्येक पेपर के लिए अभ्यर्थियों को 60 मिनट का समय दिया जाएगा। प्रश्नपत्र में कुल 50 प्रश्न होंगे और सभी प्रश्न अनिवार्य होंगे। परीक्षा पूरी तरह से बहुविकल्पीय प्रश्न आधारित होगी। अंकन योजना के अनुसार प्रत्येक सही उत्तर के लिए पांच अंक प्रदान किए जाएंगे, जबकि गलत उत्तर देने पर एक अंक की नेगेटिव मार्किंग की जाएगी।
इससे अभ्यर्थियों को प्रश्नों का उत्तर सावधानीपूर्वक देने की आवश्यकता होगी। परीक्षा का आयोजन 13 भाषाओं में किया जाएगा, जिससे विभिन्न राज्यों और भाषाई पृष्ठभूमि के अभ्यर्थियों को सुविधा मिल सके। इन भाषाओं में हिंदी और अंग्रेजी के अलावा असमिया, बांग्ला, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओडिया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू शामिल हैं। यह व्यवस्था परीक्षा को अधिक समावेशी और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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