Jamshedpur : देहरादून में हुए गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। जमशेदपुर के कुख्यात गैंगस्टर विक्रम शर्मा की हत्या के मामले में उनके ही भाई अरविंद शर्मा को देहरादून पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस हत्याकांड में शामिल तीन अन्य बदमाशों की भी पहचान करने के बाद पुलिस ने वाराणसी से दो शूटरों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार होने वाले शूटरों में बागबेड़ा का विशाल और जुगसलाई का आशुतोष शामिल हैं। इन लोगों ने विक्रम शर्मा की हत्या के सारे राज खोल दिए हैं।
पता चल रहा है कि विक्रम शर्मा की हत्या की साजिश उनके भाई अरविंद शर्मा ने ही रची थी। बताया जा रहा है कि प्रॉपर्टी के विवाद में विक्रम शर्मा को रास्ते से हटाया गया है। पूरे मामले में प्रभात नामक युवक का नाम भी आ रहा है। प्रभात एक ठेके के छिन जाने से विक्रम शर्मा से नाराज चल रहा था। उसी ने हत्या की पूरी कहानी रची है। हत्यारोपियों के वाराणसी में पनाह लेने की वजह से इस हत्याकांड में एक अलग एंगल भी आ रहा है।

गौरतलब है कि सीसीटीवी फुटेज में आकाश प्रसाद, आशुतोष कुमार और विशाल नामक आरोपियों के चेहरे सामने आए हैं, जो इस हत्याकांड में शामिल हैं। जांच में पता चला है कि शूटर वारदात से पहले हरिद्वार में ठहरे थे। रेलवे स्टेशन के सामने स्थित एक होटल में उनकी मौजूदगी कैमरे में कैद हुई है। यहीं से उन्होंने देहरादून जाने के लिए स्कूटी और मोटरसाइकिल किराए पर ली थी। हत्या के बाद वाहन लौटाकर सभी फरार हो गए।
मामले की गहन जांच के लिए देहरादून पुलिस की टीम जमशेदपुर में है और लगातार नए सुराग जुटाए जा रहे हैं। पुलिस को प्रभात नामक अपराधी की तलाश है, जिसने पहले अरविंद शर्मा को मानगो इलाके के एक मकान में ठहराया था। यहीं से विक्रम शर्मा को ठिकाने लगाने की साजिश रची गई। आरोप है कि अरविंद ने ही हत्या में प्रयुक्त हथियारों की खरीद की थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि प्रभात से विक्रम शर्मा ने एक बड़ा ठेका छिनवाकर अपने करीबी को दिला दिया था। इसके साथ ही बैचिंग प्लांट का काम भी उससे ले लिया गया। इससे प्रभात की करीब दो लाख रुपये महीने की आमदनी बंद हो गई। इसी रंजिश में प्रभात और अरविंद शर्मा ने मिलकर हत्या की साजिश रची थी।
इस मामले में देहरादून की डालनवाला थाना पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। मृतक की पत्नी सोनिया की सहमति से उनके करीबी दोस्त अखिलेश सिंह ने कोतवाली में आवेदन दिया। अखिलेश सिंह के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 10:40 बजे उन्हें गौरव सिंह का फोन आया, जिसने बताया कि जिम के बाहर विक्रम शर्मा पर फायरिंग हुई है।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने विक्रम शर्मा को मृत घोषित कर दिया। पुलिस को दिए बयान में अखिलेश सिंह ने बताया कि सोनिया उन्हें भाई मानती हैं और सदमे में होने के कारण उन्होंने ही कानूनी कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंपी है।
डालनवाला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संतोष कुंवर ने बताया कि कई टीमें गठित कर दी गई हैं और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। वहीं, शनिवार को देहरादून में विक्रम शर्मा का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके परिजन, करीबी मित्र और झारखंड से आए कई जानकार लोग शामिल हुए।
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