नई दिल्ली : द्वारका जिला पुलिस की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड ने एक कुख्यात अंतरराज्यीय वाहन चोरी के गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह में शामिल तीनों आरोपी – रमन, सागर और नीरज – एक ही परिवार के सदस्य हैं। रमन (उर्फ राकेश) इस गिरोह का सरगना है, जबकि सागर उसका बेटा और नीरज उसका दामाद है। पुलिस ने इनके कब्जे से तीन चोरी की कारें और चोरी में इस्तेमाल होने वाले अत्याधुनिक उपकरण बरामद किए हैं।
डीसीपी अंकित सिंह ने कहा कि द्वारका पुलिस ने एक सप्ताह तक 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद इस गिरोह को पकड़ा। रमन ने अपने बेटे सागर और दामाद नीरज के साथ मिलकर एक ऐसा गिरोह बनाया, जिसमें केवल परिवार के सदस्य ही शामिल थे, ताकि जानकारी लीक होने का खतरा न रहे। इस गिरोह ने पिछले कुछ महीनों में दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से करीब 20-25 गाड़ियां चुराईं, जिनमें मारुति ब्रेजा, स्विफ्ट डिजायर, वैगन आर, हुंडई क्रेटा और टोयोटा फॉर्च्यूनर जैसी गाड़ियां शामिल थीं। पुलिस ने वाहन चोरी, घरेलू चोरी और सेंधमारी जैसे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया था।
पुलिस ने चोरी की घटनाओं के समय, स्थान और पैटर्न का अध्ययन किया। जांच में पता चला कि आरोपी ज्यादातर सुबह के शुरुआती घंटों में सक्रिय होते थे और पार्कों व जिम के पास खड़ी गाड़ियों को निशाना बनाते थे। वे अत्याधुनिक उपकरणों का उपयोग कर गाड़ियों के सिक्योरिटी सिस्टम को निष्क्रिय कर कुछ ही मिनटों में चोरी को अंजाम देते थे। पुलिस को सूचना मिली कि रमन अपने बेटे सागर के साथ चोरी की वैगन आर कार (नकली नंबर प्लेट के साथ) में उत्तम नगर के गंदा नाला विपिन गार्डन में आएगा।
पुलिस ने जाल बिछाकर दोनों को पकड़ लिया। आरोपियों के कब्जे से दो कार स्कैनर, एक वायर के साथ हैंड क्लिप, दो की कनेक्टर, एक ईसीएम, दो हथौड़े, छह लॉक टी, एक वायर कटर, एक कटिंग प्लायर, 12 चाबियां और दो नंबर प्लेट बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपियों ने अपने दामाद नीरज की संलिप्तता का खुलासा किया, जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।
इनके चोरी का अनोखा तरीका
आरोपियों ने बताया कि वे ऑन-बोर्ड डायग्नोस्टिक पोर्ट के जरिए गाड़ियों के सिक्योरिटी सिस्टम को निष्क्रिय करते थे। यह तकनीक आमतौर पर वाहनों की इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजन की जांच के लिए उपयोग की जाती है। इसके बाद वे चोरी की गाड़ियों का इस्तेमाल दूसरी गाड़ियां चुराने के लिए करते थे, ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके।
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