रांची/जमशेदपुर: ईचागढ़ विधानसभा सीट से भाजपा को टिकट दिए जाने की मांग को लेकर गुरुवार को विधानसभा क्षेत्र के अनेक लोग और भाजपा के नेता व कार्यकर्ता रांची स्थित प्रदेश कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने धरना-प्रदर्शन करते हुए जोरदार नारेबाजी की और इस सीट पर हर हाल में भाजपा को ही टिकट दिए जाने की मांग की।
भाजपा के समर्थक और नेताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि ईचागढ़ सीट से भाजपा के किसी भी नेता को टिकट दिया जाए, वे इसका विरोध नहीं करेंगे। उनका तर्क है कि यह भाजपा की पारंपरिक सीट है और इस पर केवल भाजपा को ही टिकट मिलना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर भाजपा को टिकट नहीं दिया गया, तो आगे की रणनीति के लिए बैठक कर उचित फैसला लिया जाएगा।
प्रदर्शन में शामिल भाजपा नेता और ईचागढ़ के पूर्व विधायक अरविंद सिंह उर्फ मलखान सिंह के भतीजे अंकुर सिंह ने कहा कि ईचागढ़ विधानसभा भाजपा की परंपरागत सीट रही है। यहां भाजपा हमेशा से ही अपनी पकड़ मजबूत बनाए हुए है और लगातार जीत दर्ज करती आई है। उन्होंने कहा, “ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र की जनता ने लोकसभा चुनाव में भी भाजपा को सबसे अधिक समर्थन दिया था और अब भी क्षेत्र की जनता भाजपा को ही अपना प्रतिनिधि चुनना चाहती है। ऐसे में, इस सीट पर भाजपा के किसी उम्मीदवार को टिकट मिलना चाहिए।”
प्रदर्शनकारियों और भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना था कि अगर भाजपा किसी भी प्रत्याशी को इस सीट से टिकट देती है, तो वे उसका विरोध नहीं करेंगे। उनके अनुसार, एनडीए गठबंधन के बावजूद, जब भाजपा की स्थिति ईचागढ़ में सबसे मजबूत है, तो इस सीट को किसी अन्य दल को क्यों सौंपा जाए? उन्होंने यह भी कहा कि यदि भाजपा को टिकट नहीं मिलता है, तो संगठन एक बैठक कर आगे की रणनीति तैयार करेगा।
प्रदर्शन के दौरान, यह भी चर्चा हुई कि पिछले लोकसभा चुनावों में ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में भाजपा का प्रदर्शन शानदार रहा था। इस क्षेत्र से भाजपा ने भारी मतों से बढ़त बनाई थी, जिसे खुद भाजपा के मौजूदा सांसद और मंत्री संजय सेठ ने भी स्वीकार किया था। उन्होंने कहा था कि इस बार विधानसभा चुनाव में भी ईचागढ़ सीट पर भाजपा ही विजयी होगी।
धरना-प्रदर्शन के माध्यम से भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश नेतृत्व को यह संदेश दिया कि ईचागढ़ सीट भाजपा के लिए विशेष महत्व रखती है और इसे किसी अन्य दल को नहीं सौंपा जाना चाहिए। उनका मानना है कि अगर भाजपा इस सीट से चुनाव लड़ेगी, तो न सिर्फ पार्टी की जीत होगी, बल्कि क्षेत्र की जनता का भरोसा भी कायम रहेगा।
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