
धनबाद : बरवाअड्डा थाना परिसर में हुआ हाई-वोल्टेज ड्रामा अब कोर्ट के कटघरे तक पहुंच गया है। पुलिसिया कार्रवाई और गिरफ्तारी की लटकती तलवार के बीच डुमरी विधायक जयराम महतो और उनके तीन साथियों ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश निकेश कुमार सिन्हा की अदालत में दायर इस अर्जी पर अब 31 अगस्त को सुनवाई होनी तय है।
थाना में इन कारणों से बढ़ा विवाद
पूरे विवाद की जड़ बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी और स्थानीय निवासी गणेश दास के बीच का पुराना मनमुटाव है। मुखिया का आरोप था कि गणेश दास उनके नाम का फर्जी लेटर पैड, मुहर और हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर अवैध तरीके से जाति, आवासीय और वंशावली प्रमाण पत्र बना रहे थे।
इसी शिकायत पर 21 अगस्त को बरवाअड्डा पुलिस गणेश दास को नोटिस देने उनके घर पहुंची थी। पुलिस के मुताबिक, वहां तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद पुलिस गणेश को हिरासत में लेकर थाने ले आई।
थाने में भिड़े दो गुट,दर्ज हुई FIR
गणेश दास की हिरासत की खबर मिलते ही विधायक जयराम महतो अपने समर्थकों के साथ बरवाअड्डा थाना पहुंचे। वहीं दूसरी तरफ मुखिया यशोदा देवी के समर्थक भी वहां जमा हो गए। देखते ही देखते थाना परिसर जंग का मैदान बन गया और दोनों पक्षों में जमकर मारपीट व धक्का-मुक्की हुई।
इस घटना के बाद पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन शुरू की, जिससे विधायक और उनके करीबियों पर गिरफ्तारी का खतरा मंडराने लगा।
अदालत के फैसले पर टिकीं निगाहें
कानूनी शिकंजे से राहत पाने के लिए विधायक जयराम महतो, सुशील मंडल, महेंद्र साव और राजकुमार मंडल ने कोर्ट का रुख किया है। अब 31 अगस्त की तारीख इस पूरे घटनाक्रम के लिए बेहद अहम साबित होने वाली है, जहां अदालत दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह तय करेगी कि विधायक और उनके समर्थकों को राहत मिलेगी या उनकी मुश्किलें और बढ़ेंगी।

